कलालघाटी चौकी पुलिस ने सोमवार को भाबर के जंगलों में 18 मवेशियों संग दो पशु तस्करों को गिरफ्तार किया है। ये तस्कर इन पशुओं को गोकशी के लिए जंगल और नदी के रास्ते नजीबाबाद ले जा रहे थे। उनके खिलाफ उत्तराखंड गोवंश संरक्षण अधिनियम 2007 की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।
सोमवार दिन में चिलरखाल-लालढांग मार्ग पर कलालघाटी चौकी पुलिस गश्त पर थी। इस दौरान मुखबिर की सूचना पर कांस्टेबल सुमित जुयाल और सज्जन सिंह झिंकवाण जैसे ही सिगड्डीस्रोत क्षेत्र में आगे बढ़े, इतने में उन्हें कई मवेशियों के संग दो युवक नजर आए। दोनों तस्करों को पुलिस ने अपनी गिरफ्त में ले लिया। मवेशियों को हल्दूखाता के वीरचंद्र सिंह गढ़वाली गोधाम के सुपुर्द कर दिया गया। कोतवाल जसवीर सिंह पुंडीर ने बताया कि ये तस्कर दुगड्डा और यमकेश्वर के पहाड़ी क्षेत्रों से नौ गाय और नौ बैलों को जंगलों के रास्ते गोकशी के लिए नजीबाबाद ले जा रहे थे। उनकी पहचान फरमान पुत्र अकबर निवासी जलालाबाद और मो. इरशाद पुत्र मो. असगर निवासी जाफ्तागंज तहसील नजीबाबाद जिला बिजनौर उत्तर प्रदेश के रूप में की गई है।
चरने गए पशुओं को तस्कर बनाते हैं शिकार
गो-तस्करों के खिलाफ की गई कार्रवाई पर भाबर के जनप्रतिनिधियों ने सराहना की है। ग्रामीण देशबंधु गढ़वाली, विकास कुकरेती, अनिल गौड़, राकेश ध्यानी, विवेक सुयाल का कहना है कि पहले गोवंश तस्कर मालन घाटी से पशुओं की तस्करी करता था। पुलिस का शिकंजा कसने के बाद उन्होंने रास्ता बदल लिया, अब वे लालढांग, सिगड्डीस्रोत और मेहलीस्रोत के रास्ते तस्करी में संलिप्त हैं। अधिकतर तस्कर जंगल चरने गए पशुओं को हांककर ले जा रहे हैं। बिजनौर की सीमा से सटे कोटद्वार भाबर के गांवों के लोग पशु तस्करी और चोरी से परेशान हैं।