दुगड्डा (कोटद्वार)। दुगड्डा ब्लॉक के ग्राम पंचायत सिमलचौड़ के राजस्व ग्राम नाथूपुर में वन्यजीवों से सुरक्षा के लिए लगाई गई सोलर फेंसिंग पेड़ गिरने से क्षतिग्रस्त हो गई है। इससे गांव में हाथियों की आवाजाही का खतरा बढ़ गया है। फेंसिंग की मरम्मत नहीं होने से ग्रामीणों में चिंता बनी हुई है।
लैंसडौन वन प्रभाग की दुगड्डा रेंज के अंतर्गत नाथूपुर गांव में पिछले तीन वर्षों से हाथियों की आवाजाही से ग्रामीण परेशान हैं। ग्रामीणों की समस्या को देखते हुए तत्कालीन रेंज अधिकारी उमेश चंद जोशी ने मामला उच्चाधिकारियों के समक्ष रखा था। इसके बाद विभाग ने गांव में 900 मीटर सोलर फेंसिंग लगाने की स्वीकृति दी थी। जनवरी 2025 में करीब साढ़े पांच लाख रुपये की लागत से फेंसिंग लगाई गई थी।
रविवार रात बारिश के दौरान सिद्ध रौला में पेयजल स्रोत के समीप पेड़ गिरने से फेंसिंग के कई पोल और सात लेयर की सोलर लाइन क्षतिग्रस्त हो गई। इससे हाथियों के गांव में घुसने का खतरा बना हुआ है। बजट के अभाव में फेंसिंग के दोनों ओर पक्का आधार नहीं बन पाया है। बरसात में उगने वाली झाड़ियों की सफाई ग्रामीणों को खुद करनी पड़ती है। वहीं, क्षेत्र में फेंसिंग के उपकरण और पुर्जे उपलब्ध नहीं होने से मरम्मत में भी परेशानी आ रही है। ग्रामीणों ने सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त करने और क्षतिग्रस्त फेंसिंग की जल्द मरम्मत कराने की मांग की है।
उधर, दुगड्डा रेंज के रेंज अधिकारी रमेश चंद्र सिंह नेगी ने बताया कि ग्रामीणों की ओर से प्रस्ताव मिलने पर उसे आवश्यक कार्रवाई के लिए उच्चाधिकारियों को भेजा जाएगा।