दुगड्डा (कोटद्वार)। दुगड्डा-धुमाकोट मार्ग पर पाले से फिसलन बढ़ गई है। सबसे ज्यादा दिक्कत दुगड्डा व सेंधीखाल, ढौंटियाल से रथुवाढाब-वतनवासा के बीच हो रही है। घना जंगल होने के कारण रात को पड़ रहा पाला दिनभर में भी नहीं सूख रहा है। सड़क कीचड़ से सनी होने से राहगीरों का पैदल चलना भी दूभर हो गया है। दोपहिया वाहन चालक रपटकर चोटिल हो रहे हैं।
दुगड्डा-धुमाकोट मार्ग दुगड्डा, जयहरीखाल, रिखणीखाल, नैनीडांडा और बीरोंखाल ब्लॉकों को आपस में जोड़ता है। इस मार्ग पर दुगड्डा से सेंधीखाल, ढौंटियाल से रथुवाढाब -वतनवासा के बीच कई जगहों पर घना जंगल है, जिससे यहां दिन में भी धूप नहीं आ पाती है। सर्दियां बढ़ने के साथ ही रात को पाला जम जाता है।
सिमलचौड़, नाथूपुर, गोदी छोटी, साझासैंण, बटलबाड़ी, गौलीखेत, बांसी गजवाड़, जोगियाणा, ब्राह्मण बस्यूर आदि गांवों के ग्रामीणों का मुख्य बाजार दुगड्डा है। यहां से ग्रामीण व स्कूली बच्चे इसी मार्ग से दुगड्डा बाजार व स्कूल पैदल आवाजाही करते हैं। इसके अलावा लोग दुगड्डा से साझासैंण स्थित दुगड्डा ब्लॉक कार्यालय भी आवाजाही करते हैं। इस समय पैदल आवाजाही करने वाले लोग भी परेशान हैं।
ग्रामीण बृजमोहन सिंह, जसवंत प्रसाद, प्रेम सिंह, गोपाल सिंह ने कहा कि विगत वर्षों में पाला अधिक पड़ने पर लोनिवि दुगड्डा की ओर से चूना व सड़क सीमांकन पत्थर लगाए जाते थे, लेकिन इस बार डीएम के आदेश के बाद भी विभाग की ओर से अभी तक कोई व्यवस्था नहीं की गई है। उन्होंने मार्ग पर पाले से निपटने के लिए चूने का छिड़काव करने की मांग की है।
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मार्ग पर घने जंगल होने के कारण छाया वाले स्थानों पर पाला न सूखने के कारण कीचड़ हो रहा है। जल्द ही ऐसे स्थानों पर चूने का छिड़काव कर लोगों को मार्ग पर सुगम आवाजाही की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
-निर्भय सिंह, अधिशासी अभियंता, लोनिवि, दुगड्डा