कोटद्वार। रेलवे स्टेशन और रोडवेज बस स्टैंड के बाहर नाले पर स्थायी स्लैब डाल दिया गया। जिससे नाले में गिरकर राहगीरों के घायल होने की घटनाओं पर विराम लग सका।
अमर उजाला ने छह जनवरी के अंक में कहीं नालों से हटे, कहीं टूटे पड़े स्लैब, गिर रहे राहगीर शीर्षक से सचित्र खबर प्रकाशित की थी। बताया गया था कि नाले पर स्लैब नहीं पड़ा होने से ज्यादा भीड़ होने पर या फिर रात के समय अंधेरे के चलते अंदाजा नहीं होने पर राहगीर नाले में गिरकर चोटिल हो रहे थे। गत माह एक कार का पहिया नाले में गिर गया था। बड़ी मशक्कत के बाद कार को गड्ढे से बाहर निकाला जा सका था। इस जगह से रोडवेज बसें भी गुजरती हैं।
आसपास ई-रिक्शाएं और ठेले खड़े होने से राहगीरों का सुरक्षित निकलना मुश्किल हो रहा था। अमर उजाला की खबर के बाद दूसरे दिन ही नाले पर सीमेंटेड स्थायी स्लैब डाला गया। जिससे आसपास स्थित दुकानदारों, राहगीरों और रोडवेज बस चालकों ने राहत की सांस ली। रोडवेजकर्मियों का कहना था कि खुले नाले में लोग कचरा डाल रहे थे। सफाई नहीं होने से नाला अवरुद्ध हो रहा था। बरसात के समय नाले अवरुद्ध होने का दंश रोडवेज डिपो परिसर में जलभराव के रूप में भुगतना पड़ता है। नाले पर स्लैब पड़ने से अब इसमें कूड़ा-करकट नहीं डाला जा सकेगा और राहगीरों को भी सुविधा होगी।