नगर निगम क्षेत्र के अंतर्गत सवा लाख रुपये की विधायक निधि से छह माह पहले बनी डाट पुलिया क्षतिग्रस्त हो गई। ऐसे में लोगों को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थिति यह है कि डाट पुलिया के क्षतिग्रस्त वाले हिस्से में पत्थर डालकर इनके ऊपर से वाहनों की आवाजाही हो रही है। मामले में ठेकेदार ने नगर निगम पर पुलिया तोड़ने का आरोप लगाया जबकि निगम ने आरोप को बेबुनियाद बताया।
वर्ष 2019 में रिवर ट्रेनिंग और चैनलाइजेशन के दौरान ओवर लोडेड डंपरों की आवाजाही से नगर निगम क्षेत्र के अंतर्गत झूलाबस्ती में मुक्तिधाम के समीप नाली और उसके ऊपर लगे लोहे का जाल क्षतिग्रस्त हो गया था, जिससे नाली का सारा गंदा पानी मुक्तिधाम और पोस्टमार्टम हाउस में घुस रहा था। तब समस्या को देखते हुए क्षेत्रवासियों की मांग पर विधायक और वन मंत्री डा. हरक सिंह रावत ने नाली और डाट पुलिया निर्माण के लिए सवा लाख की धनराशि स्वीकृत कराई थी। छह माह पूर्व ही विधायक निधि से बनी यह नाली और डाट पुलिया क्षतिग्रस्त हो गई। डाट पुलिया का निर्माण कराने वाले गाड़ीघाट निवासी ठेकेदार विकास माहेश्वरी का आरोप है कि नगर निगम की गाड़ियां कूड़ा सड़क पर पलट देती हैं, जिसे जेसीबी से उठाया जाता है। कूड़ा उठाते समय नगर निगम की जेसीबी ने डाट पुलिया क्षतिग्रस्त कर दी है, जबकि उक्त निर्माण का उन्हें भुगतान तक नहीं हुआ है। उधर, नगर आयुक्त पीएल शाह ने ठेकेदार के आरोपों को बेबुनियाद बताया। कहा कि नगर निगम का काम तोड़ना नहीं बनाना है। फिर भी मामले को दिखाया जा रहा है।