कई दशकों से पदमपुर सुखरौ पट्टी के कई गांवों के खेतों की सिेंचाई कर रही र्दाइं खोह सिंचाई नहर कई कालोनियों की गंदगी खेतों में बहाकर ले जा रही है। इसके चलते काश्तकारों का खेती करना मुश्किल हो गया है। मुख्य नहर के साथ ही ब्रांच सिंचाई गूलों को भी लोगों ने गंदी नाली बना डाला है।
गाड़ीघाट क्षेत्र से शहर के मध्य से गुजर रही दाईं खोह नहर में बढ़ते कचरे और गंदगी की समस्या से निजात दिलाने के लिए सिंचाई विभाग ने इसे कई स्थानों पर भूमिगत कर दिया है। इससे नहर में पड़ने वाले कचरे की मात्रा में काफी कमी आई, लेकिन मालनी मार्केट, देवीरोड पर बनी कालोनियों के लोगों ने गुपचुप ढंग से नहर में अपने घरों के किचन, बाथरूम और सीवर पाइप इसमें जोड़ दिए। इससे यह गंदगी पानी के साथ बहकर सीधे खेतों में जा रही है। कमोवेश यही हालत बलभद्रपुर, रतनपुर क्षेत्र में भी बनी है।
क्षेत्र पंचायत सदस्य रवींद्र बिष्ट का कहना है कि बलभद्रपुर क्षेत्र में नहर के भूमिगत होने का काम शुरू हुआ तो खुदाई के दौरान कई भवनों के सीवेज पाइप सिंचाई नहर में पाए गए। ग्रामीण क्षेत्र में उगे इन कंक्रीट के जंगलों की सारी गंदगी सिंचाई गूलों में डालने से किसान खेतों में जा रही गंदगी से परेशान हैं। बीडीसी मेंबर रवींद्र बिष्ट ने बताया कि वह जिलाधिकारी के जनता दरबार और तहसील दिवस में इस समस्या को उठा चुके हैं, लेकिन कोई कारगर कदम नहीं उठाया जा रहा है। नहरों में गंदगी डालने से नहीं रोका गया तो सिंचाई नहरें सीवेज लाइन में तब्दील हो जाएंगी।
यह समस्या संज्ञान में नहीं है। तहसील दिवस में उठी समस्याओं के निस्तारण के लिए संबंधित विभाग को निर्देश दिए जाते हैं। जरूरत पड़ने पर संयुक्त निरीक्षण करवाया जा सकता है। सिंचाई विभाग को कार्रवाई के लिए लिखा जाएगा। - जीआर बिनवाल, एसडीएम कोटद्वार।