सिंचाई विभाग की अनदेखी से चलते खोह नदी के किनारे बसा दुगड्डा नगर खतरे में पड़ गया है। खोह नदी में चल रहे अवैध खनन से भवनों की सुरक्षा के लिए बनाई गई बाढ़ सुरक्षा दीवार दरक गई है, जिससे स्थिति संवेदनशील बनी है, लेकिन आने वाले इस खतरे को लेकर न प्रशासन और न ही सिंचाई विभाग गंभीर दिखाई दे रहा है।
नगरपालिका दुगड्डा क्षेत्र के घनीरामबाजार वार्ड की सुरक्षा के लिए 50 के दशक में नदी से कटाव को बचाने और भवनों की सुरक्षा के लिए खोह नदी के किनारे बाढ़ सुरक्षा दीवार बनाई गई थी। कुछ समय से नदी में चल रहे अवैध खनन के कारण नदी का प्रवाह सुरक्षा दीवार की ओर हो गया और लगातार पानी की तेज धार के कारण सुरक्षा दीवार दरक गई जो कभी-कभी गिर सकती है। बरसात में नदी का जलस्तर बढ़ने से सुरक्षा दीवार टूट गई तो खोह नदी के तट पर स्थित आईटीआई, वाल्मीकि बस्ती, जामा मस्जिद, गैस गोदाम, पर्यटन विभाग का निर्माणाधीन रिसॉर्ट, नेशनल हाईवे 534 तथा वार्ड न.1 के आवासीय मकानों को खतरा हो जाएगा।
यही नहीं खोह तथा सहायक नदियों सिलगाड़ तथा लंगूरगाड़ नदियों में चल रहे अवैध खनन से सरूड़ा सकाली का पंचायत भवन, सरूड़ा सकाली के लिए निर्मित हाईड्रम योजनाओं की बुनियाद खोखली होने लगी है। लोग लगातार विभाग से शिकायत कर रहे हैं, लेकिन सुरक्षा के लिए कुछ कार्य नहीं किए जा रहे हैं। सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता कमल सिंह ने कहा कि सुरक्षा दीवार के दरकने की जानकारी नहीं है। खोह नदी सुरक्षा के लिए बनाए गए स्ट्रक्चर के क्षतिग्रस्त हो रहे हिस्से का निरीक्षण कराकर मरम्मत के लिए आगणन तैयार कर शासन को भेजा जाएगा।