जयहरीखाल ब्लाक के अंतर्गत बिलंगी-गजवाड़-बांसी पेयजल लाइन क्षतिग्रस्त होने से ग्राम पंचायत बांसी और गजवाड़ के सात गांवों के ग्रामीण एक सप्ताह से पेयजल संकट से जूझ रहे हैं। स्थिति यह है कि दो से तीन किमी दूर प्राकृतिक स्रोतों से पानी ढोकर ग्रामीण प्यास बुझा रहे हैं। स्थिति यह है कि जल संस्थान के अधिकारियों को बताने के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हुआ।
जयहरीखाल ब्लाक के ग्राम पंचायत बांसी के बांसी, बोरगांव, सिमलखेत, बटलबाड़ी और ग्राम पंचायत गजवाड़ के गजवाड़, घिल्डियाल गांव अखरैणा गांवों के लिए नब्बे के दशक में सिलगाड नदी से बिलंगी-गजवाड़-बांसी पेयजल योजना बनाई गई थी। योजना बनने से लोगों को सुचारु पानी मिल रहा था लेकिन रखरखाव के अभाव में बिलंगी गांव से बांसी तक करीब 15 किमी लंबी पाइप लाइन क्षतिग्रस्त हो गई है। कई स्थानों पर लीकेज होने लगा, जिससे गांवों तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है। क्षेत्र पंचायत सदस्य सूरजपाल सिंह नेगी, प्रधान भारत सिंह नेगी और नरेंद्रपाल सिंह रावत ने कहा कि गत एक सप्ताह से पानी नहीं आने से दो से तीन किमी दूर प्राकृतिक स्रोतों से पानी ढोना पड़ रहा है। उन्होंने जल संस्थान से शीघ्र ही पेयजल लाइन की मरम्मत कराने की मांग की।
बिलंगी बांसी पेयजल योजना काफी पुरानी हो चुकी है। पेयजल लाइन को जल्द ठीक कराकर गांवों में पेयजल आपूर्ति सुचारु की जाएगी। जल जीवन मिशन के तहत जल निगम की ओर से योजना का नवीनीकरण प्रस्तावित है। - पीसी नैनवाल, जेई जल संस्थान कोटद्वार।