सरस्वती विद्या मंदिरों में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विद्यार्थियों का स्वागत
पहले दिन सरकारी स्कूलों में उपस्थिति रही कम
कोटद्वार। ग्रीष्मावकाश के बाद बुधवार को नगर और आसपास के पर्वतीय क्षेत्र के सरकारी व गैर सरकारी विद्यालयों में शिक्षण कार्य फिर से शुरू हो गया। पहले दिन सरकारी विद्यालयों में छात्र-छात्राओं की उपस्थिति अपेक्षाकृत कम रही जबकि सरस्वती विद्या मंदिरों में वैदिक मंत्रोच्चार और हवन-यज्ञ के साथ नए शैक्षणिक चरण का शुभारंभ किया गया।
जीआईसी कोटद्वार में प्रभारी प्रधानाचार्य मुकेश रावत ने विद्यार्थियों का स्वागत कर उन्हें मेहनत और लगन से अध्ययन करने के लिए प्रेरित किया। वहीं, जीजीआईसी कोटद्वार की प्रभारी प्रधानाचार्य बबीता ध्यानी ने छात्राओं से लक्ष्य निर्धारित कर नियमित पढ़ाई करने का आह्वान किया।
रितेश शर्मा सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, जानकीनगर में प्रधानाचार्य मनोज कुकरेती के मार्गदर्शन में हवन-यज्ञ आयोजित किया गया। आचार्य अनिल कोटनाला और राजन कुमार शर्मा के संयोजन में हुए कार्यक्रम में विद्यालय परिवार ने विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य और राष्ट्र की सुख-समृद्धि की कामना की। विद्यालय के मीडिया एवं परीक्षा प्रभारी रोहित बलोदी ने बताया कि हवन का उद्देश्य विद्यार्थियों के पुनः आगमन पर आत्मिक शुद्धि और मां सरस्वती का आशीर्वाद प्राप्त करना है।
महादेव सरस्वती शिशु विद्या मंदिर हाईस्कूल, जशोधरपुर में पंडित आकाश बड़ोला ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हवन संपन्न कराया। प्रधानाचार्य निर्मल केमनी ने विद्यार्थियों और अभिभावकों का स्वागत करते हुए नियमित अध्ययन, अनुशासन और संस्कारों को जीवन में अपनाने का संदेश दिया। कार्यक्रम के बाद दोनों विद्यालयों में नियमित शैक्षणिक गतिविधियां शुरू कर दी गईं।