देवभूमि उत्तराखंड सफाई कर्मचारी संघ के प्रांतीय नेतृत्व के आह्वान पर 11 सूत्री मांगों को लेकर सफाई कर्मचारियों ने बुधवार को भी नगर निगम कार्यालय कोटद्वार और नगर पालिका दुगड्डा में नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। इस दौरान सफाई कर्मचारियों ने प्रदेश सरकार पर आंदोलन को कुचलने के लिए षड्यंत्र रचने का आरोप लगाया। इस मौके पर एकजुट होकर संघर्ष को जारी रखने का आह्वान किया गया।
देवभूमि उत्तराखंड सफाई कर्मचारी संघ से जुड़े सफाई कर्मचारियों ने शाखा अध्यक्ष शशि के नेतृत्व में प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। इस मौके पर हुई सभा में वक्ताओं ने कहा कि प्रदेश सरकार विभागों में सफाई का कार्य ठेका प्रथा पर कराकर कर्मचारियों का शोषण कर रही है। कहा कि सफाई कर्मचारियों को महज 8 हजार रुपये मानदेय दिया जा रहा है, जिससे परिवार का भरण पोषण करना भी मुश्किल हो रहा है। आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदेश सरकार विभिन्न धाराओं में मुकदमे दर्ज करने की धमकी देकर कर्मचारियों के आंदोलन को तोड़ने की कोशिश कर रही है। प्रदर्शन करने वालों में नरेंद्र घाघट, धीरज गोडियाल, ज्वाला प्रसाद, जितेंद्र गोडियाल, अजय केशियाल, मुकेश गोडियाल, बीरेंद्र, धर्मेंद्र, महेंद्र घाघट, संजीव कुमार और सोनू सहित बड़ी संख्या में सफाई कर्मचारी शामिल रहे।
उधर, नगर पालिका दुगड्डा में भी सफाई कर्मचारियों ने 11 सूत्री मांगों को लेकर प्रदेश सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। धरना प्रदर्शन करने वालों में शाखा अध्यक्ष गोपाल राम घाघट, कार्यकारी अध्यक्ष संजू गोडियाल, उपाध्यक्ष राजपाल गोडियाल, सुबोध घाघट, कोषाध्यक्ष दीपक लोकसे, संगठन मंत्री मनोज कुमार, कुंवर, राजू, कमल, अंकित, राकेश, अजय आदि मौजूद रहे।
जगह-जगह लगे कूड़े के ढेर
कोटद्वार। सफाई कर्मचारियों की हड़ताल का असर नगर निगम क्षेत्र की सफाई व्यवस्था पर दिखने लगा है। कूड़ेदान के आसपास, बाजार और मार्गों पर जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे रहे। बारिश के बाद कूड़े के ढेर से उठ रही बदबू से लोगों को आवाजाही में परेशानियों का सामना करना पड़ा। सफाई व्यवस्था चरमराने से क्षेत्र में बीमारी फैलने का खतरा भी बन गया है। 40 वार्डों वाले नगर निगम कोटद्वार में वर्तमान में 283 नियमित, स्वच्छता समिति और आउटसोर्स कर्मचारी हैं।