कोटद्वार। करोड़ों के बजट से रोडवेज डिपो का नया चार मंजिला भवन बनकर तैयार हो गया लेकिन डिपो में वैकल्पिक ऊर्जा का प्रबंध नहीं है। पावर कट होते ही रोडवेज कर्मियों को हाथ पर हाथ धरकर बैठना पड़ रहा है। वहीं, डिपो अधिकारियों का कहना क्षेत्रीय कार्यालय से सोलर प्लांट के लिए प्रस्ताव निगम मुख्यालय को भेजा गया है।
दरअसल रोडवेज डिपो में इनवर्टर, जनरेटर व सोलर प्लांट के रूप में वैकल्पिक ऊर्जा का कोई प्रबंध नहीं है। डिपो परिसर में कंप्यूटर सिस्टम पर ही चालक-परिचालक की ड्यूटी स्लिप तैयार की जाती है। पूछताछ केंद्र से बस संचालन के लिए उद्घोषणा की जाती है। ई-टिकट मशीनों को चार्ज किया जाता है। आए दिन पावर कट होने पर ड्यूटी स्लिप बनाने के लिए अन्य प्रतिष्ठान की दौड़ लगानी पड़ती है।
वहीं, एआरएम अनुराग पुरोहित ने बताया कि सोलर प्लांट के लिए क्षेत्रीय कार्यालय से सेवा प्रबंधक की ओर से प्रस्ताव निगम मुख्यालय को भेजा गया है। कार्यालयों को हाल ही में नए भवन में शिफ्ट किया गया है। एक बार व्यवस्था बन जाए, सोलर प्लांट लगने तक इनवर्टर अथवा जनरेटर की व्यवस्था जुटाई जाएगी।