कोटद्वार। लगातार दूसरे दिन शनिवार को भी रुक-रुककर रिमझिम बरसात जारी रही। दो दिन की बारिश ने कुछ बदहाल सड़कों की सूरत और भी बिगाड़ दी। जिससे राहगीरों को मार्ग से गुजरने में खासी परेशानी हुई। वहीं, कोटद्वार के अलावा बीरोंखाल, बैजरो, सतपुली, लैंसडौन, दुगड्डा समेत पर्वतीय क्षेत्रों में लगातार बारिश होने से मौसम में ठंडक बढ़ गई।
शुक्रवार तड़के शुरू हुई बारिश से मौसम खुश्नुमा तो हुआ था, लेकिन रुक-रुककर दिनभर बारिश होने से बाजारों में सन्नाटा था और ठंडक बढ़ गई थी। शनिवार को लगातार दूसरे दिन बरसात होने से खस्ताहाल सड़कों की हालत और भी खराब हो गई। भाबर के औद्योगिक क्षेत्र की सड़कों से राहगीरों का निकलना मुश्किल हो गया।
गनीमत रही कि गड्ढों में तब्दील हुई सड़क पर कोई दुर्घटना नहीं हुई। कुछ जगहों पर सड़कों पर कीचड़ और मलबा फैलने से भी राहगीर आवागमन में परेशान रहे। वहीं, कोटद्वार एवं पर्वतीय क्षेत्रों में बरसात से मालन नदी में जलस्तर बढ़ने से नदी क्षेत्र से होकर गुजरने वाले लोगों का आवागमन प्रभावित हुआ। लोगों को कण्वाश्रम से जुड़े वैकल्पिक मार्ग से होकर गुजरना पड़ा।
किसानों के लिए बरसात लाभकारी होने से किसान खुश हैं। हालांकि सरसों की फसल के लिए कहीं-कहीं फसल के नुकसानदायक होने की आशंका है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि अगर सरसों पर अभी फूल आया है, तो बरसात से फसल को नुकसान हो सकता है, लेकिन अगर फूल गिर गया है, तो लाभ होगा। वहीं, अन्य रबी की फसलों को लाभ होने से किसानों में खुशी है। उधर, सर्दी बढ़ने से लोग अलाव, हीटर आदि की मदद से कुछ राहत पाने में जुटे हैं।