रिखणीखाल में जच्चा-बच्चा की मौत के मामले में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. राशिद खान का तबादला कर दिया गया है। पीएचसी में मृत बच्चे को जन्म देने के बाद हायर सेंटर ले जाते हुए महिला की मौत हो गई थी।
घटनाक्रम के अनुसार ग्राम बयेला तल्ला निवासी राजेंद्र ध्यानी की पत्नी स्वाति ध्यानी (23) को प्रसव पीड़ा होने पर बीती 28 जून की रात पीएचसी रिखणीखाल में भर्ती कराया गया था। 29 जून को अपराह्न तीन बजे उसने मृत बच्चे को जन्म दिया। इसके बाद स्वाति की हालत बिगड़ने पर डॉक्टरों ने उसे हायर सेंटर कोटद्वार के लिए रेफर कर दिया। एंबुलेंस से कोटद्वार लाते वक्त स्वाति ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया।
परिजनों ने डॉक्टरों की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा था कि यदि महिला को समय से रेफर कर दिया जाता तो उसकी जान बच सकती थी। हंगामे के बाद वहां पहुंचे एसडीएम ने परिजनों को जांच का भरोसा दिलाकर शांत कराया था। डीएम ने मामले की जांच सीएमओ को सौंपी थी।
रिखणीखाल में जच्चा-बच्चा की मौत के मामले की जांच जिलास्तरीय कमेटी कर रही है। मामले की मॉनिटरिंग खुद डीएम कर रहे हैं। रिखणीखाल के प्रभारी एमओ का अन्यत्र तबादला कर वहां नए प्रभारी चिकित्साधिकारी की तैनाती कर दी गई है।
-डॉ. मनोज बहुखंडी, सीएमओ पौड़ी।
कांग्रेस ने भी बनाया था मुद्दा
कांग्रेस ने भी पहाड़ की लचर सेवाओं से जोड़ते हुए इस मामले को मुद्दा बनाया था। पूर्व स्वास्थ्य मंत्री सुरेंद्र सिंह नेगी, कांग्रेस जिलाध्यक्ष डा. चंद्रमोहन खरक्वाल, वरिष्ठ कांग्रेस नेता धीरेंद्र प्रताप, रिखणीखाल ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीनबंधु बलोधी, ब्लाक प्रमुख मनोहर देवरानी, जिला पंचायत सदस्य विनयपाल सिंह नेगी, शालिनी बलोधी, पूर्व प्रमुख पिंकी नेगी, रमेश रावत, धीरेंद्र बिष्ट और महिला कांग्रेस की जिलाध्यक्ष रंजना रावत ने आवाज बुलंद की थी।