मर्चेंट नेवी में कार्यरत पोखड़ा ब्लाक के एक युवक के मलेशिया में अपहरण होने का मामला प्रकाश में आया है। युवक ने अपहरण के सवा माह बाद तीस साथियों समेत अपहरणकर्ताओं के चंगुल में होने की बात अपनी पत्नी को फोन पर बताई है। बेटे के अपहरण होने की सूचना के बाद से उसकी रिहाई के लिए दर-दर की ठोकरें खा रहे परिजनों ने सीएम से मदद की गुहार लगाई है।
पोखड़ा प्रखंड के ग्राम चरगाड़ निवासी पूर्व सैनिक हरिसिंह का पुत्र सूरज गुसाईं (28) पांच वर्षों से मर्चेंट नेवी में मुंबई में कार्यरत है। परिजनों ने बताया कि इस साल जुलाई में सूरज मलेशिया चला गया। जहां से लगभग हर दूसरे दिन वह अपने परिजनों से मोबाइल पर बातकर संपर्क में रहता था। वहीं वह फेसबुक पर भी इलाके के अपने दोस्तों से लगातार जुड़ा हुआ था। परिजनों के अनुसार आठ नवंबर को सूरज का अंतिम बार फोन आया था। जिसके बाद से परिजनों और दोस्तों का सूरज के साथ संपर्क कट गया। इसी बीच गत 14 दिसंबर को सूरज का किसी अनजान नंबर से अपनी पत्नी रेनू के मोबाइल पर फोन आया। जिसमें उसने पत्नी को मर्चेंट नेवी के 29 साथियों के साथ अपहरण होने की जानकारी दी। इस बातचीत में सूरज ने अपनी पत्नी को बताया अपहरणकर्ताओं ने सभी तीस युवकों को एक कमरे में बंद किया हुआ है, और रिहाई की एवज में उनसे 60 हजार रुपये प्रति व्यक्ति मांगे जा रहे हैं। इसके बाद सूरज का फोन कट गया। बेटे के अपहरण की सूचना के बाद परिवार में हड़कंप मचा है। वृद्ध पिता हरिसिंह पिछले चार दिनों में बेटे की रिहाई के लिए डीएम से लेकर सीएम के दरबार में गुहार लगा चुके हैं। अपहरण की खबर के बाद से सूरज की मां आशा देवी, पत्नी रेनू एवं पिता हरि सिंह का रो-रोकर बुरा हाल है।
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मामला मेरे संज्ञान में है। मुख्यमंत्री एवं विदेश मंत्रालय को सूरज का मामला भेजा जा रहा है। युवक की रिहाई के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे।
-चंद्रशेखर भट्ट, डीएम पौड़ी