पूर्व सैनिक सेवा परिषद ने बृहस्पतिवार को यहां व्यापार मंडल सभागार में आजाद हिंद फौज दिवस का आयोजन कर स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और उनके परिजनों को सम्मानित किया। कहा कि स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की बदौलत देशवासी आज खुली हवा में सांस ले रहे हैं।
परिषद के अध्यक्ष गोपाल कृष्ण बड़थ्वाल ने कहा 14 अप्रैल, 1944 को सुभाष चंद्र बोस ने आजादी की लड़ाई का प्रथम बिगुल मोयरांग मणिपुर से बजाकर अंग्रेजों को भगाकर तिरंगा फहराया था। कार्यक्रम में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी मुरली सिंह रावत ने आजादी के आंदोलन की यादों को ताजा किया।
उन्होंने युवा पीढ़ी का आह्वान किया कि वे अपने पूर्वजों के योगदान और देश के लिए किए गए त्याग को हमेशा याद रखें। वक्ताओं ने आजाद हिंद सेना के स्व. कर्नल बुद्धि सिंह रावत के योगदान पर चर्चा की। कार्यक्रम में जहां मवाकोट निवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी मुरली सिंह चौधरी को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया।
वहीं क्षेत्र के स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों स्व. खुशहाल सिंह रावत, स्व. चंदन सिंह बिष्ट, स्व. भैरवदत्त धूलिया, स्व. कनक सिंह नेगी, स्व. रघुनाथ सिंह नेगी, स्व. कुंवर सिंह गुसाईं, स्व. गंगा सिंह रावत, स्व. कृपाल सिंह रावत, स्व. गजे सिंह नेगी और मनवर सिंह नेगी के योगदान पर चर्चा करते हुए उनके आश्रितों को सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में संगठन के सचिव महानंद ध्यानी, कोषाध्यक्ष बलवान सिंह रावत, सत्याली धूलिया, कैप्टन प्रताप सिंह रावत, अनूप सिंह बिष्ट, गीता बुढ़ाकोटी, शकुंतला गुसाईं, डबल सिंह रावत, विनीता देवी, तेजपाल सिंह, गोपाल सिंह राणा, दलवीर सिंह रावत, रश्मि कोटनाला आदि मौजूद थे। इससे पूर्व स्कूली बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए।