पाब बैंड से मठूर गांव सड़क निर्माण कार्य शुरू करने की मांग को लेकर क्रमिक अनशन पर बैठे ग्रामीणों ने अब आंदोलन को उग्र करने का निर्णय लिया है। कहा कि 12 दिन बीत जाने के बाद भी शासन-प्रशासन ने उनकी मांगों पर सकारात्मक कार्यवाही नहीं की है।
क्षेत्रीय ग्रामीण 12 दिनों से सूर्योधार में क्रमिक अनशन पर बैठे हैं। इस मौके पर आयोजित बैठक में ग्राम पंचायत मठूर गांव, न्यूली, पाब और नांडी आदि के ग्रामीणों ने क्रमिक अनशन को आमरण अनशन में तब्दील करने का निर्णय लिया है।
आक्रोशित ग्रामीणों ने कहा कि शासन प्रशासन ने ग्रामीणों की मांग पर कोई सकारात्मक कार्रवाई नही की है। आंदोलन का नेतृत्व कर रहे पूर्व जिला पंचायत सदस्य महिपाल बुटोला ने कहा कि दस साल पूर्व पाब बैंड से मठूर गांव के लिए मोटर मार्ग स्वीकृत हुआ था।
बीच में ही छोड़ दिया था निर्माण
विभाग ने मार्ग को शुरू में तीन किमी हल्का वाहन मार्ग बना दिया जबकि उससे आगे मोटर मार्ग का निर्माण कर उसे बीच में ही छोड़ दिया गया है। दस सालों से यह मोटर मार्ग निर्माण मठूर गांव तक नही हो पाया है।
इस उपेक्षापूर्ण नीति व लापरवाही से आक्रोशित ग्रामीणों ने अब आंदोलन को उग्र करने का निर्णय लिया है। कहा कि अब ग्रामीणों को आमरण अनशन के साथ ही चक्का जाम, तालाबंदी आदि के लिए बाध्य होना पड़ रहा है। रविवार को संजना देवी, चैता देवी, जयपाल सिंह, होशियार सिंह, लक्ष्मण सिंह, नत्थीराम, पंकज लखेड़ा, विजयराम फोंदणी और हर्षमणी पंत आदि क्रमिक अनशन पर बैठे रहे।