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कोटद्वार-भाबर के वैध-अवैध आरबीएम भंडारणों में ताबड़तोड़ छापे, सात सील

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कोटद्वार। डीएम पौड़ी के निर्देश पर जिला प्रशासन की तीन टीमों ने कोटद्वार भाबर के उपखनिज के 25 भंडारणों पर छापे मारे। इस दौरान कई अवैध भंडारण पकड़े गए। करीब सात उपखनिज भंडारण सील कर दिए गए। बाकी भंडारणों में भी बड़े पैमाने पर अनियमितताएं पाई गईं। छापेमारी के लिए पौड़ी, लैंसडौन और कोटद्वार के एसडीएम की अगुवाई में तीन टीमें बनाई गई थीं। इसकी निगरानी के लिए एडीएम पौड़ी डा. एसके बरनवाल को लगाया गया था। बीईएल रोड समेत भाबर के कई भंडारणों में देर शाम तक कार्रवाई जारी रही।
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अपर जिलाधिकारी डा. एसके बरनवाल के नेतृत्व में तीन टीमों ने शनिवार को कोटद्वार पहुंचकर कोटद्वार भाबर के अवैध खनन और भंडारण के खिलाफ अभियान चलाया। इस मौके पर बालासौड़, हरसिंगपुर, जीवानंदपुर, शिवराजपुर, सिम्मलचौड़, बलभद्रपुर, नंदपुर, भूदेवपुर, दिलीपपुर, देवरामपुर पदमपुर सुखरौ, सिताबपुर, मानपुर, पदमपुर मोटाढांक, झंडीचौड़, हल्दूखाता व काशीरामपुर में भंडारणों का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान जहां पूर्व में निरस्त भंडारणों में स्टॉक और अवैध भंडारण पाए गए, वहीं वैध भंडारणों में भी स्टॉक से अधिक आरबीएम का भंडारण मिला। निरीक्षण के दौरान पांच वैध और दो अवैध भंडारणों को सील कर दिया गया। स्टॉक से अधिक भंडारणों की नापजोख कर विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर जिला प्रशासन को भेजकर नीलामी की संस्तुति की गई है। अवैध खनन और भंडारण के खिलाफ प्रशासन की मुहिम से खनन कारोबारियों में हड़कंप मचा है।
एडीएम डा. एसके बरनवाल ने बताया कि तीन टीमें बनाई गई थीं। पहली टीम का नेतृत्व एसडीएम पौड़ी मनीष कुमार सिंह, दूसरी टीम का नेतृत्व एसडीएम कोटद्वार योगेश मेहरा और तीसरी टीम का नेतृत्व एसडीएम लैंसडौन अपर्णा ढौंडियाल ने किया। तीनों टीमों ने एक-एक कर कोटद्वार से लेकर भाबर तक के 25 भंडारणों का निरीक्षण किया। तीनों टीमों ने पांच भंडारणों को सील कर दिया है। सील भंडारणों में शुभलोक रावत जीवानंदपुर, नरेंद्र भंडारी इंटरप्राइजेज हरसिंगपुर बालासौड़, सुनील डोगरा, बिष्ट ट्रेडर्स सिम्मलचौड़, रोहित इंटरप्राइजेज हरसिंगपुर, दुर्गा इंटरप्राइजेज हरसिंगपुर, बिष्ट ट्रेडर्स जीवानंदपुर के भंडारण सीज कर दिया गया। भूदेवपुर में प्रवीन सिंह का लाइसेंस 2018 में समाप्त हो चुका था। कार्रवाई के दौरान भंडारण स्वामी मौके पर नहीं मिला। बिष्ट ट्रेडर्स सिम्मलचौड़ का भंडारण पहले से ही सीज है, बावजूद इसके यहां भंडारण मिला है। उन्होंने बताया कि पदमपुर मोटाढांक स्थित नरेंद्र कुकरेती का लाइसेंस पहले ही निरस्त हो चुका था, लेकिन यहां स्टॉक पाया गया।
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तीनों टीमों में सीओ जेआर जोशी, उप प्रभागीय वनाधिकारी कोटद्वार गिरीश चंद्र बेलवाल, थाना प्रभारी निरीक्षक मनोज रतूड़ी, कोटड़ी रेंज अधिकारी आरपी पंत व तहसीलदार डबल सिंह रावत सहित राजस्व उपनिरीक्षक मौजूद रहे।
राज्य निर्माण के बाद उपखनिज भंडारणों में हुई सबसे बड़ी कार्रवाई
कोटद्वार। राज्य निर्माण के बाद गत 19 सालों में जिला प्रशासन की ओर से कोटद्वार में खनिज भंडारणों के खिलाफ की गई सबसे बड़ी कार्रवाई है। प्रशासन की कार्रवाई को लेकर तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। एक ओर जहां मालन नदी समेत सभी नदियों को खनन के लिए खोलने की तैयारी चल रही है, वहीं दूसरी ओर यह भी चर्चा है कि उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के ट्रांसपोर्टरों की आपसी खींचतान के चलते ट्रांसपोर्टरों द्वारा प्रशासन को मुखबरी कर सूचनाएं उपलब्ध कराई गईं, जिसके बाद प्रशासन की ओर से कार्रवाई की गई।
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