संवाद न्यूज एजेंसी
कण्वघाटी। भाबर क्षेत्र के किशनपुर में रामलीला मंचन के 11वें दिन विभीषण शरणागति, रामेश्वर की स्थापना और अंगद-रावण संवाद का मंचन किया गया।
देवभूमि रामलीला कमेटी किशनपुर में आयोजित रामलीला के ग्यारहवें दिन की शुरूआत पूर्व विधायक शैलेंद्र सिंह रावत, समाजसेवी जेपी बहुखंडी और राकेश मोहन ध्यानी ने संयुक्त रूप से रिबन काटकर किया।
रामलीला की शुरूआत विभीषण के भगवान श्री राम की शरण में आने के दृश्य के साथ हुई। भगवान राम विभीषण से पूछते है कि इस बड़े सागर को कैसे पार किया जाए, तब विभीषण के बताए अनुसार भगवान श्री राम सागर से रास्ता मांगने के लिए उससे विनय करते है।
तीन दिन बीत जाने के पश्चात जब सागर उनकी प्रार्थना नहीं सुनते हैं तो श्री राम क्रोधित होकर सागर को सुखाने के लिए अग्नि बाण का संधान करते है। तब सागर प्रकट हो जाता है और क्षमा याचना करते हैं।
वह श्री राम को सेतु बनाने के लिए मार्ग बताता है। इस पर श्री राम रामेश्वरम में शिवलिंग की स्थापना करते हैं और भगवान शिव की पूजन अर्चना के बाद सेतु निर्माण का कार्य प्रारंभ करते है। सेतु बनने के बाद श्री राम अपनी सेना सहित सागर पार करते हैं और अंगद को लंका में शांति दूत बनाकर भेजते है। कलाकारों की ओर से अंगद-रावण के रोचक संवाद ने दर्शकों की खूब तालियां बटोरी।
संचालन गणेश धूलिया ने किया। इस अवसर पर समिति के अध्यक्ष गौरव कुकरेती, रोशन धूलिया, विकास कुकरेती, सोनू बछवान, मनोज शर्मा, आशीष कुमार, मनोज कुमार मौजूद रहे।