रिखणीखाल-नैनीडांडा ब्लॉक के ग्रामीणों ने राष्ट्रपति को खून से लिखा पत्र भेजा
कोटद्वार। दुर्गादेवी-लोहाचौड़-मैदावन वन मोटर मार्ग को आमजन की आवाजाही के लिए खोलने की मांग को लेकर शनिवार को नैनीडांडा और रिखणीखाल ब्लॉक के ग्रामीणों व जनप्रतिनिधियों ने यूकेडी के बैनर तले दुर्गादेवी गेट पर प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने वन विभाग और शासन-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और राष्ट्रपति को खून से लिखा पत्र भेजा।
यूकेडी नेता कुलदीप रावत की अगुवाई में विभिन्न गांवों के ग्रामीण दुर्गादेवी गेट पर एकत्र हुए। वक्ताओं ने कहा कि अविभाजित उत्तर प्रदेश के समय यह मार्ग आम लोगों की आवाजाही के लिए खुला था और ग्रामीण नियमित रूप से इसका इस्तेमाल करते थे। राज्य गठन के बाद वन विभाग और अन्य विभागीय व्यवस्थाओं के चलते मार्ग पर आवाजाही बंद कर दी गई।
प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति के नाम खून से लिखा पत्र केटीआर के मैदावन रेंज की वन क्षेत्राधिकारी कृति नेगी को सौंपा। पत्र में ग्रामीणों ने कहा कि नैनीडांडा और रिखणीखाल क्षेत्र के लोग लगातार गुलदार और भालू के हमलों का सामना कर रहे हैं। मार्ग बंद होने से ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी हो रही है। आरोप लगाया कि वन विभाग ने दुर्गादेवी गेट बनाकर आवाजाही रोक दी है। ग्रामीणों ने कहा कि मार्ग खुलने से क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
प्रदर्शन में राज्य आंदोलनकारी पान सिंह रावत, ग्राम प्रधान बिनीता ध्यानी, यूकेडी जिलाध्यक्ष मुकेश बड़थ्वाल, बृजमोहन सिंह, सुबोध जुयाल, प्रदीप मैंदौलिया, प्रधान संजय सिंह, आशीष बड़ोनी और विद्या रावत, उम्मेद सिंह भंडारी आदि मौजूद रहे।