कण्वघाटी/किशनपुर। लालढांग-चिल्लरखाल एलिवेटेड मार्ग निर्माण की मांग को लेकर भाबर के चिल्लरखाल बैरियर पर प्रदर्शन रविवार को भी जारी रहा। प्रदर्शनकारियों ने निजी, यात्री, व्यावसायिक और मालवाहक वाहनों के लिए दिनरात आवागमन के लिए एलिवेटेड मार्ग के निर्माण की मांग की।
वक्ताओं ने आरोप लगाया कि करीब 20 फुट चौड़ी सड़क जो सर्वे के अनुसार पहले से डामरीकृत थी उसे पगडंडी मार्ग बताकर न्यायालय के समक्ष गलत और भ्रामक जानकारी दी गई। सरकार को लालढांग-चिल्लरखाल के बीच करीब 11.5 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड मार्ग का निर्माण जल्द शुरू करना चाहिए। काम चलाऊ सड़क किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी।
प्रदर्शनकारियों ने स्थानीय जनप्रतिनिधि से मार्ग को डिनोटिफाई कराकर लोक निर्माण विभाग को हस्तांतरित करने की मांग की। सड़क की भूमि लोनिवि को हस्तांतरित होने पर वन विभाग को निर्धारित भूमि के एवज में राशि देकर अन्यत्र पौधरोपण कराया जा सकता है। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि सरकार और जनप्रतिनिधि इस मामले का स्थायी समाधान करने के बजाय सड़क के मुद्दे को राजनीतिक रूप से जीवित रखना चाहते हैं। धरने में मदन सिंह नेगी, नरेश धस्माना, रवींद्र सौंद, हेमा नेगी, उम्मेद भंडारी, नरेंद्र सिंह, शिवचरण, कृपाल, जगत नेगी, गणेश, सीमा, दीपा देवी, मधुसूदन नेगी, कल्पना, पुष्पा देवी और सुभाष त्यागी शामिल रहे।