रिखणीखाल के बयेला मल्ला गांव में शराब की दुकान खोलने का विरोध कर रही महिलाओं के खिलाफ तोड़फोड़ और लूट का मुकदमा दर्ज करने के विरोध में मंगलवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने तहसील परिसर में धरना देते हुए प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजते हुए महिलाओं पर दर्ज मुकदमे को शीघ्र वापस लेने की मांग की।
जिला कांग्रेस कमेटी के बैनर तले मंगलवार को तहसील में धरना देते हुए कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कहा कि शराब का विरोध जनहित से जुड़ा हुआ मुद्दा है, जिसके खिलाफ महिलाएं प्रदेशभर में एकजुट होकर विरोध-प्रदर्शन कर रही हैं।
बयेला मल्ला गांव में महिलाओं पर मुकदमा दर्ज करना निंदनीय है। इससे प्रदेश की जनता में रोष है। कहा कि युवाओं को रोजगार और सुविधाएं देने के बजाय प्रदेश सरकार गांवों में शराब की दुकानें खुलवा रही है। उन्होंने उपजिलाधिकारी केे माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजते हुए महिलाओं पर दर्ज मुकदमे वापस लेने की मांग की है।
इस मौके पर जिला कांग्रेस कमेटी के जिलाध्यक्ष डा. चंद्रमोहन खर्कवाल, नगर अध्यक्ष संजय मित्तल, लक्ष्मण सिंह रावत, पूर्व पालिकाध्यक्ष ठाकुर विजय नारायण सिंह, हयात सिंह मेहरा, सूरज प्रसाद कांती, रविंद्र जजेड़ी, मनवर सिंह आर्य, महावीर सिंह रावत, विनोद नेगी, मनमोहन सिंह, श्याम सुंदर अग्रवाल, प्रदीप नेगी, डा. एनके जखमोला व शिवचरण सिंह आदि मौजूद थे।
महिलाओं पर मुकदमा दर्ज करने के विरोध में आज बंद
रिखणीखाल में शराब विरोधी आंदोलन चला रही बयेला मल्ला की महिलाओं पर तोड़फोड़ और लूट का मुकदमा दर्ज कराने के विरोध में 26 अप्रैल को रिखणीखाल बाजार बंद रहेगा।
महिला मंगल दल अध्यक्ष गोदांबरी देवी की अध्यक्षता में बीते दिन हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया है।
महिलाओं के इस आंदोलन को कई संगठन समर्थन देने के लिए रिखणीखाल पहुंच रहे हैं। आंदोलन को रिखणीखाल की ब्लाक प्रमुख लक्ष्मी देवी, ज्येष्ठ प्रमुख यशोदा देवी, पूर्व प्रमुख पिंकी नेगी ने समर्थन देते हुए धरना-प्रदर्शन में शामिल होने की बात कही है।
उधर, कांग्रेस नेता धीरेंद्र प्रताप सिंह ने रिखणीखाल में शराब की दुकान बंद कराने की मांग कर रही महिलाओं पर दर्ज मुकदमे को वापस लेने की मांग मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत से की है। बताया कि दिल्ली नीति आयोग की बैठक में शिरकत करने आए प्रदेश के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह से सोमवार को उत्तराखंड सदन में मुलाकात कर रिखणीखाल आंदोलन की जानकारी दी गई। मुख्यमंत्री ने उन्हें भरोसा दिलाया कि महिलाओं पर दर्ज झूठा मुकदमा वापस लिया जाएगा।