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Kotdwar News: बुराइयों से समाज की रक्षा करेंः बालकृष्ण

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कोटद्वार। श्री सिद्धपीठ सिद्धबली मंदिर में चल रहे श्री सिद्धबाबा अनुष्ठान महोत्सव के तीसरे दिन पतंजलि योगपीठ के संस्थापक आचार्य बालकृष्ण सिद्धबली महोत्सव में पहुंचे। उन्होंने मंदिर में श्री सिद्धबली के दर्शन किए। इसके बाद उन्होंने हिंदी भजन संध्या का दीप प्रज्ज्वलित कर उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि सभी देवी देवताओं और संत महामंडलेश्वरों का मूल व आधार उत्तराखंड ही है। उन्होंने लोगों से हनुमान के उपासक बनकर बुराइयों से समाज की रक्षा करने की अपील की।
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उन्होंने कहा कि कोटद्वार गुरु गोरखनाथ की तपोस्थली और सिद्धबली हनुमान की भूमि है। यहां बाबा की अनुभूति कण-कण में है। जब हम निर्बल और कमजेार होते हैं तब हमें पवनपुत्र महाबली याद आते हैं। वह हमें शक्ति व ऊर्जा से परिपूर्ण करते हैं। कहा कि जिस पर उनका आशीर्वाद होता है उसके जीवन में कभी भी दुर्बलता, दीनता, हीनता नहीं आ सकती है। कहा कि हमें सनातन धर्म के गौरव को आगे लेकर जाना है, जो लोग धर्म से विमुख हो रहे हैं और सनातन धर्म को कमजोर समझते हैं, उनको जवाब देने का समय आ गया है।
उन्होंने योग को अपने जीवन में उतारकर अपने को महा बलशाली व निरोग बनाने की अपील की। कहा कि विश्व के देश योग सीखने के लिए लाखों खर्च कर रहे हैं। लोगों को हनुमान जी के जीवन से प्रेरणा लेकर अपने परिवार व समाज में आचरण करना चाहिए। सिद्धबली मंदिर के महंत दिलीप रावत ने अतिथियों का स्वागत करते हुए आभार जताया।
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कार्यक्रम में स्वामी जयंत सरस्वती महाराज, मंदिर समिति के अध्यक्ष डॉ. जेपी ध्यानी, महोत्सव संयोजक उद्योगपति अनिल कंसल, जीत सिंह पटवाल, विवेक अग्रवाल, मेेला अध्यक्ष अनीत चावला, उमेश त्रिपाठी आदि मौजूद रहे। मंच का संचालन प्रमोद रावत ने किया।



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डॉ. विजय मैठाणी समेत तीन लोगों को किया सम्मानित



कार्यक्रम के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले लोगों को सम्मानित किया। सम्मानित होने वालों में दिलबाग सिंह, डॉ. विजय मैठाणी, मेरठ निवासी योगेश मोहन गुप्ता शामिल रहे। इसके अलावा शोभायात्रा में प्रथम चार स्थान पर रही कीर्तन मंडलियों को भी पुरस्कृत किया गया। जिसमें जगदंबा कीर्तन मंडली शिवपुर, ओम सांस्कृतिक समिति मवाकोट, श्री राम कीर्तन मंडली रतनपुर, शिव शक्ति कीर्तन मंडली लालपानी शामिल हैं।
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