कोटद्वार। ऊर्जा निगम के कस्याली बिजलीघर के पौखाल फीडर की लाइन पर पेड़ गिरने से दुगड्डा और द्वारीखाल ब्लॉक के कई गांवों में पिछले 18 घंटे से बिजली आपूर्ति बाधित है। बिजली गुल होने से ग्रामीणों को अंधेरे में रात बितानी पड़ी। वहीं, गहली पंपिंग पेयजल योजना ठप होने से द्वारीखाल ब्लॉक के गहली, नारा और चमस्यूंल गांवों में पेयजल संकट गहरा गया है। ग्रामीणों ने ऊर्जा निगम से जल्द आपूर्ति बहाल करने की मांग की है।
भाजपा द्वारीखाल मंडल अध्यक्ष मनोज गुसाईं, जन कल्याण समिति गहली-नारा के अध्यक्ष प्रकाश चंद्र डबराल, पूर्व प्रधान सुमंत डबराल और मेहरबान सिंह ने बताया कि तीनों गांवों में पिछले कई दिनों से बिजली की आंखमिचौली जारी है। रात में बिजली गुल होने से ग्रामीणों को अंधेरे में रहना पड़ रहा है।
क्षेत्र में जंगली जानवरों का खतरा बना रहता है जिससे ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। बिजली न होने से बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है। उन्होंने बताया कि बिजली आपूर्ति बाधित होने से गहली पंपिंग पेयजल योजना से पानी नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में ग्रामीणों को करीब एक किलोमीटर दूर स्थित प्राकृतिक जलस्रोत से सिर पर पानी ढोकर लाना पड़ रहा है।
उधर, दुगड्डा ब्लॉक की ग्रामसभा जौरासी के प्रधान चंडी प्रसाद कुकरेती ने बताया कि पौखाल फीडर से शनिवार रात करीब दस बजे बिजली आपूर्ति ठप हो गई। इससे दुगड्डा ब्लॉक के गांवों के ग्रामीणों को अंधेरे में रात बितानी पड़ी। वहीं, गैंडखाल क्षेत्र में बिजली की लाइन में फाल्ट आने से रविवार दोपहर तक आपूर्ति बाधित रही।
ऊर्जा निगम के एसडीओ (हिल) रवि अरोड़ा ने बताया कि शुक्रवार को आंधी और बारिश से क्षतिग्रस्त लाइन की मरम्मत कर बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई थी। शनिवार रात करीब दस बजे लाइन पर दोबारा पेड़ गिरने से आपूर्ति बाधित हो गई। गैंडखाल क्षेत्र की लाइन में भी फाल्ट आया है। दोनों स्थानों पर मरम्मत कार्य जारी है। देर शाम तक प्रभावित क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बहाल करने का प्रयास किया जा रहा है।