लकड़ी पड़ाव बस्ती के एक धार्मिक स्थल में बुधवार रात मांस और धमकी भरे पत्र प्रकरण में पुलिस ने जांच प्रारंभ कर दी है। अब तक एक दर्जन से ज्यादा लोगों से पूछताछ कर ली है। लकड़ीपड़ाव की ओर जाने वाले रास्तों पर लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए हैं।
वरिष्ठ पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों की ओर से मामले के जल्द खुलासे के लिए भी दबाव बढ़ता जा रहा है। डीएम और एसएसपी की ओर वरिष्ठ अधिकारियों को शहर में भाईचारा और अमन बनाए रखने की हिदायत दी गई है। संदिग्ध और अराजक तत्वों पर नजर रखी जा रही है।
लकड़ी पड़ाव में दो दिन पहले जिस धर्मस्थल में अराजक तत्वों ने यह हरकत की है। क्षेत्र में गत वर्ष 28 सितंबर को दो पक्षों में मामूली कहासुनी बड़ा विवाद बन गया था। इसके बाद शहर में बवाल और तोड़फोड़ जैसी घटना से कोटद्वार के शांत माहौल में कई दिनों तक तनाव बना रहा।
एसएसपी निवेदिता कुकरेती ने बताया कि घटनाक्रम के खुलासे के लिए इंस्पेक्टर की अगुवाई में पुलिस टीम जांच कर रही है। कोतवाली पुलिस के सहयोग के लिए एसओजी भी लगा दी है। अधिकारियों का कहना है कि जनता की ओर से मिल रहे हर फीडबैक पर काम करवाया जा रहा है।
डीएम से मिले कांग्रेसी
लकड़ीपड़ाव की घटना के जल्द खुलासे की मांग को लेकर कांग्रेस के जिलाध्यक्ष डा. चंद्रमोहन खरक्वाल की अगुवाई में एक प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी चंद्रशेखर भट्ट और एसएसपी निवेदिता कुकरेती से मुलाकात की। कांग्रेस पदाधिकारियों ने घटना को शहर का माहौल खराब करने का षड़यंत्र बताते हुए दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
पूर्व पालिकाध्यक्ष ठाकुर विजय नारायण सिंह, कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता गिरिराज किशोर हिंदवाण, मनवर सिंह आर्य ने कहा कि स्वास्थ्य मंत्री सुरेंद्र सिंह नेगी की ओर से मामला मुख्यमंत्री हरीश रावत के संज्ञान में लाया गया है।