मवाकोट से ध्रुवपुर सुखरो पुल तक फिर से बना अवैध डंपिग जोन
कोटद्वार। नगर निगम और वन विभाग की लाख काेशिशों के बावजूद लोग जंगल से सटे इलाके में सड़कों के किनारे कचरा डालने से रुक नहीं रहे हैं। गर्मी के दौरान इस कचरे से वनाग्नि फैलने का खतरा बना है।
कोटद्वार नगर निगम क्षेत्र चारों ओर से घने जंगलों से घिरा हुआ है। तीन दिशाएं जहां लैंसडौन वन प्रभाग के जंगल पड़ते हैं वहीं दक्षिण दिशा उत्तर प्रदेश के बिजनौर वन प्रभाग के आरक्षित वन क्षेत्र हैं। नगर निगम के सभी 40 वार्डों में डोर टू डोर कूड़ा उठान की व्यवस्था है। इसके बावजूद वन सीमा से सटी सड़कों के साथ ही अन्य सड़कों के किनारे में जहां तहां कचरे के अवैध डंपिंग जोन मुंह चिढ़ा रहे हैं।
बीईएल रोड पर कौड़िया से लेकर तल्ला मोटाढाक तक यूपी के जंगल में कचरे के ढेर लगे हैं। वहीं, मालन पुल से कंचनपुरी मोड़ तक फिर से कचरे के ढेर लगने शुरू हो गए हैं। इस क्षेत्र में एक माह पूर्व ही नगर आयुक्त पीएल शाह की अगुवाई में अभियान चलाकर करीब 60 टन कचरा एकत्र कर निस्तारित किया गया था। लैंसडौन वन प्रभाग के कोटद्वार रेंज से सटे मवाकोट, सत्तीचौड़ क्षेत्र में डिग्रीकालेज मवाकोट पुराना हरिद्वार मार्ग के किनारे भी कचरा डंप होने लगा है।
जंगलों के किनारे सड़क एवं संपर्क मार्गों पर कचरा डालने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इस बारे में नगर निगम का भी सहयोग लिया जाएगा।
-जीवन मोहन दगाडे़, डीएफओ लैंसडौन वन प्रभाग, कोटद्वार