कोटद्वार। आल इंडिया कोआपरेटिव बैंक इंप्लाइज फेडरेशन के आह्वान पर मंगलवार को कोटद्वार के जिला सहकारी बैंक कर्मचारियों व ग्राहकों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए धरना प्रदर्शन किया। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने सहकारी बैंकों की विश्वसनीयता को समाप्त करने का प्रयास किया है।
बदरीनाथ मार्ग स्थित जिला सहकारी बैंक की मुख्य शाखा के बाहर धरना प्रदर्शन करते हुए वक्ताओं ने कहा कि सहकारी बैंकों के पास बैंकिंग करने के लिए लाइसेंस है और इसका निरीक्षण समय-समय पर रिजर्व बैंक और नाबार्ड द्वारा किया जाता है। इस बैंक की शाखाओं में कृषकों समेत गरीब जनता ने खाते खुलवाए हैं। अब नोट बंदी के आदेश के बाद केंद्र सरकार ने जिला सहकारी बैंकों के लिए अलग से नियम निकाल दिया है कि वे बंद हुए 500 व 1000 के नोटों को नहीं ले सकते। इससे बैंकों के कर्मचारियों और खाता धारकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कहा कि केंद्र सरकार के इस निर्णय से सबसे ज्यादा दिक्कत किसानों को हो रही है। इसके अलावा बैंक के कर्मचारियों के भी इसी बैंक में खाते हैं, जिन्हें भारी परेशानियां हो रही हैं। कर्मचारियों व ग्राहकों के धरना प्रदर्शन को कांग्रेसियों ने भी समर्थन दिया है। इस मौके पर संगठन के सहायक महामंत्री वीरेंद्र पाल सिंह बिष्ट, उत्तराखंड बैंक इंप्लाइज यूनियन के जिला मंत्री वीएस रावत, चंद्रमोहन गुसाईं, गजपाल सिंह, दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री विजय नारायण सिंह, कांग्रेस जिलाध्यक्ष चंद्रमोहन खर्कवाल व सूरजकांति आदि मौजूद रहे।