देवप्रयाग। गंगा की लहरों पर क्याकर्स के रोमांचकारी प्रदर्शन ने दर्शकों में जोश भर दिया। रोमांच भरे इस प्रदर्शन में लोगों का उत्साह कहीं कम नहीं हुआ और इस तरह साहस, जोश और उत्साह से भरपूर ‘गंगा क्याक महोत्सव’ का आगाज हुआ।
शुक्रवार को संगम स्थल के समीप भागीरथी नदी के रैपिड पर दो दिवसीय ‘गंगा क्याक महोत्सव का शुभारंभ हुआ। इस अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में भारत सहित नौ देशों के 51 क्याकर्स प्रतिभाग कर रहे हैं। द एडवेंचर स्पोर्ट्स सोसाइटी की ओर से आयोजित महोत्सव का शुभारंभ नगर पंचायत अध्यक्ष शुभांगी कोटियाल व सोसाइटी के उपाध्यक्ष भीम सिंह चौहान ने किया। उन्होेंने कहा कि राज्य में अंतरराष्ट्रीय जल क्रीड़ा प्रतियोगिताओं से राज्य व क्षेत्र को नई पहचान मिलेगी। यहां के युवाओं को साहसिक खेलों में प्रतिभाग करने की प्रेरणा भी मिलेगी। देवप्रयाग में अंतरराष्ट्रीय स्तर कर ग्रेड-4 का रैपिड पैड हैं। विश्व स्तर पर ग्रेड-5 सर्वश्रेष्ठ माना जाता है। प्रतियोगिता के आयोजन में विपिन शर्मा, हरेंद्र रावत, विकास भंडारी, रमेश रावत, दिनेश भंडारी कृष्णकांत कोटियाल आदि सहयोग कर रहे हैं। प्रतियोगिता का समापन 18 फरवरी को होगा।
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एक दूसरे को पीछे छोड़ने की होड़
क्याक महोत्सव के पहले दिन भागीरथी में 350 मीटर रेपिड पैड पर स्प्रिंट, ज्वाइंट सलालम, वाटर क्रास व मास वाटर क्रास प्रतियोगिताएं आयोजित की गई। स्पर्धा के शुरू होते ही क्याकर्स में एक दूसरे से आगे निकलने की होड़ लग गई। 51 में से चार क्वालीफाई नहीं कर पाए जिनमें स्प्रिंट में कनाडा के जेपी लोलन, मेघालय के सिकलिंग व डेनियल और उत्तराखंड के कान्हा सिंह शामिल है। जबकि 47 ने क्वालीफाई कर गए। इसमें ऋषिकेश के मनीष रावत ने ज्वाइंट सलालम में रोमांचक शुरुआत की। जापान के क्याकर्स तकासी, इंग्लैंड के रीडिकर्स व नाथन ग्रेलैंड, जर्मनी के जेवियल व बैंजामिन, रूस के वॉसवाल और कनाडा के लोलन ने प्रतिभाग किया। देवप्रयाग के अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शन कर चुके अयोद्धा प्रसाद, भूपेंद्र राणा ने भी बेहतर प्रदर्शन किया। अमित थापा, आलम सिंह राणा, शंकर दयाल का प्रदर्शन भी सराहनीय रहा। प्रतियोगिता के विजेता को 50 हजार व ट्राफी प्रदान की जाएगी।