देहरादून-लैंसडौन व लैंसडौन-नजीबाबाद बसों को जयहरीखाल रूट नहीं जोड़ा गया
जयहरीखाल। राज्य गठन के 26 वर्ष बाद भी जयहरीखाल ब्लॉक मुख्यालय क्षेत्र में रोडवेज बस सेवा शुरू नहीं हो सकी है। लोग आज भी निजी बसों, टैक्सी-मैक्सी पर निर्भर हैं।
देहरादून से लैंसडौन तक संचालित रोडवेज बस सेवा को वाया जयहरीखाल-गुमखाल-देवीखाल होते हुए कोटद्वार मार्ग से जोड़ने का प्रस्ताव कई बार भेजा गया लेकिन आज तक इसे मूर्तरूप नहीं दिया गया। स्थानीय लोग बताते हैं कि उत्तर प्रदेश के समय लैंसडौन-जयहरीखाल-पौड़ी-श्रीनगर एवं लैंसडौन-जयहरीखाल-गुमखाल-सतपुली-कोटद्वार मार्गों पर नियमित रूप से रोडवेज बसों का संचालन जयहरीखाल से होता था। इससे क्षेत्रीय जनता को परिवहन की सुविधा मिलती थी। जयहरीखाल रूट पर बस चलाई जाए तो इससे निगम को आर्थिक और जयहरीखाल, द्वारीखाल व दुगड्डा प्रखंड के दर्जनों गांवों के लोगों को परिवहन सुविधा का लाभ होगा।
जयहरीखाल जैसे ब्लॉक मुख्यालय में आज तक रोडवेज बस सेवा शुरू न होना दुर्भाग्यपूर्ण है। क्षेत्र के लोगों को रोजमर्रा के कार्यों के लिए महंगे निजी वाहनों पर निर्भर रहना पड़ रहा है।
-प्रगति रावत, अध्यक्ष, प्रधान संघ जयहीखाल। (फोटो)
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रोडवेज बस नहीं चलने से महिलाएं, बुजुर्ग और छात्र-छात्राएं सबसे अधिक प्रभावित हैं। सरकार को जनहित में इस रूट पर शीघ्र बस सेवा बहाल करनी चाहिए।
-शशि बिष्ट, क्षेत्र पंचायत सदस्य जयहरीखाल। (फोटो)