ब्लाक के चोपड़यू, पाबौ बाजार और सिमखेत गांव में बरसात के दिनों में भी ग्रामीणों को पानी के लिए भटकना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि वे बरसात का गंदा पानी पीने को मजबूर हैं। इससे गांव में कभी भी भयंकर बीमारी फैल सकती है।
चोपड़यू गांव के ग्रामीण कृष्ण बल्लभ पोखरियाल, सोबन सिंह कठैत व गोवर्धन कैथोला आदि ने बताया कि गांव में करीब बीस दिन से पानी नहीं आ रहा है। इस कारण उन्हें बरसात का पानी पीना पड़ रहा है। बरसात के पानी से संक्रामक बीमारियां फैलने का खतरा बना हुआ है।
पाबौ बाजार निवासी राजेंद्र सिंह रावत, विपिन कोठियाल, विजय सिंह नेगी व संदीप कोठियाल ने बताया कि 16 अगस्त को हुई भीषण बारिश से पाबौ बाजार, सिमखेत गांव की सैकड़ों की आबादी के लिए बनी पेयजल लाइन क्षतिग्रस्त हो गई थी। तब से पेयजल लाइनों को सुचारु नहीं किया गया है।
गांवों में पानी के अन्य स्रोत से ग्रामीण और मवेशी एक ही गदेरे से पानी पीने को मजबूर हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जल संस्थान को इस संबंध में सूचना दी गई थी, लेकिन सुनवाई नहीं हो रही है।