कोटद्वार। एलाइजा जांच में डेंगू की पुष्टि होने पर एक महिला को बेस अस्पताल में भर्ती कर उपचार दिया जा रहा है। क्षेत्र के अन्य उप स्वास्थ्य केंद्रों पर केवल रेपिड डायग्नॉस्टिक टेस्ट (आरडीटी) ही होने के कारण शंका होने पर लोग जांच के लिए सीधे बेस अस्पताल या निजी अस्पतालों में पहुंच रहे हैं।
कोटद्वार नगर के अलग-अलग क्षेत्रों से अब तक डेंगू के दर्जनभर मामले सामने आ चुके हैं। स्वास्थ्य विभाग ने सतर्कता बढ़ा दी है। प्रत्येक उप स्वास्थ्य केंद्र पर आरडीटी किट उपलब्ध कराई गई है। आरडीटी में मरीज की रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर उन्हें एलाइजा जांच के लिए बेस अस्पताल भेजा जा रहा है। वहीं, बेस अस्पताल में एक समय में एक से अधिक जांच की सुविधा उपलब्ध होने के कारण उपकेंद्रों से अधिक संभावित मरीज जांच के लिए सीधे बेस अस्पताल पहुंच रहे हैं।
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डेंगू पीड़ित महिला अस्पताल में भर्ती
बेस अस्पताल में एलाइजा टेस्ट में डेंगू की पुष्टि होने पर पदमपुर निवासी 32 वर्षीय महिला को अस्पताल में भर्ती कर प्राथमिक उपचार दिया जा रहा है। वहीं इससे पहले अस्पताल में भर्ती छह मरीजों को स्वास्थ्य लाभ होने पर एक-एक कर डिस्चार्ज कर दिया गया।
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ये हो सकते हैं डेंगू के प्रारंभिक लक्षण
तेज बुखार, हड्डियों में दर्द, आंखों में दर्द, भूख कम लगना, मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द, कमजोरी, जी मिचलाना, उल्टी और शरीर पर लाल चकत्ते, पेट में तेज दर्द, लगातार उल्टी, सांस लेने में तकलीफ, मसूड़ों या नाक से खून आना आदि
बोलीं डेंगू कंट्रोल रूम प्रभारी
डेंगू के प्रारंभिक लक्षण नजर आने पर विलंब किए बिना जांच कराने में ही समझदारी है। नजदीक स्वास्थ्य उपकेंद्र पर आरडीटी कराएं। घरेलू उपचार से बचें और चिकित्सीय परामर्श जरूर लें। -डॉ. चारू, डेंगू कंट्रोल रूम प्रभारी, बेस अस्पताल कोटद्वार।