जनपद में प्राइमरी स्कूलों की संख्या लगातार घटती जा रही है। कई स्कूल बंद होने के कगार पर हैं और सौ से ज्यादा प्राइमरी स्कूलों में ताला लग चुका है।
जिले में 1700 प्राइमरी स्कूल अब तक स्थापित हो चुके हैं। इनमें से 101 प्राइमरी स्कूल छात्र संख्या शून्य होने के कारण बंद हो चुके हैं। बंद हो चुके इन स्कूलों में 33 स्कूल पिछले साल बंद हुए हैं। शिक्षा विभाग के अनुसार वर्तमान में जिले में संचालित हो रहे 1599 प्राइमरी स्कूलों में से 510 स्कूलों में दस से कम और 169 स्कूलों में पांच से कम विद्यार्थी रह गए हैं। जिला शिक्षा अधिकारी बेसिक कुंवर सिंह रावत कहते हैं ग्रामीण क्षेत्रों से हो रहे पलायन और सरकारी स्कूलों के प्रति लोगों का घटना रुझान इसका मुख्य कारण बना हुआ है। प्राइमरी स्कूलों के प्रति विद्यार्थियों का रुझान बढ़ाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।