जिला उपभोक्ता फोरम ने अपने फैसले में एक बीमा कंपनी को ब्याज समेत बीमित वाहन का 73 हजार रुपये अदा करने के आदेश दिए हैं। बीमा कंपनी को यह रकम दो माह में देनी होगी।
उपभोक्ता फोरम के अनुसार, कोटद्वार तहसील के लोअर कालाबढ़ निवासी स्व. अनिल कुमार महाजन ने निसान सनी कार खरीदने के लिए कोटद्वार शाखा के आंध्रा बैंक से छह लाख 75 हजार रुपये का कार लोन लिया। इसी बीच फरवरी 2013 में अनिल कुमार महाजन की क्षयरोग के कारण मृत्यु हो गई। महाजन की पत्नी सोनिया ने पॉलिसी की शर्तों के अनुसार बीमा कंपनी पर क्लेम किया। लेकिन बीमा कंपनी ने उनके क्लेम को खारिज कर दिया। बीमा कंपनी ने कहा कि स्व. अनिल कुमार महाजन ने कंपनी से बीमारी को छुपाया।
परिवादी ने पूर्वी मुंबई की इंडिया फर्स्ट इंश्योरेंस कंपनी लि. के खिलाफ वाद दायर किया। जिला उपभोक्ता फोरम के अध्यक्ष कंवर सेन, सदस्य विनोदानंद बड़थ्वाल व दीप्ति भंडारी ने बीमा कंपनी को दोषी मानते हुए अवशेष ऋण तिहत्तर हजार, 338 रुपये अदा करने के निर्देश दिए हैं।