कोटद्वार। शाम के बाद से मैदानी क्षेत्रों के लिए रोडवेज बसें नहीं मिलने का दंश आमजन को भुगतना पड़ रहा है। अब तक यूपी रोडवेज की बसें दिन ढलने के बाद कोटद्वार वासियों को उपलब्ध हो जाती थी लेकिन अब इन बसों के भी फेरे घटने से समस्या बढ़ गई है। वहीं, प्राइवेट सवारी वाहनों ने किराया बढ़ा दिया है।
कोटद्वार रोडवेज डिपो से मैदानी क्षेत्रों में संचालित होने वाली प्रत्येक बस नजीबाबाद से होकर गुजरती है। करीब 35 से 40 बसें रोजाना नजीबाबाद और 22 से 24 बसें जनपद बिजनौर और एनसीआर के जनपदों तक पहुंचती हैं। यह सभी बसें दोपहर तक गंतव्य को रवाना हो जाने से दोपहर बाद डिपो के बाहर पूरी तरह सन्नाटा पसर जाता है। शाम के समय नजीबाबाद एवं अन्य प्रमुख स्टेशनों के लिए कोटद्वार डिपो से बसों का संचालन नहीं किया जा रहा है।
वहीं, यूपी रोडवेज के बिजनौर, मेरठ, गढ़मुक्तेश्वर समेत विभिन्न डिपो की बसें रोजाना शाम से रात 9:30 बजे तक कोटद्वार में उपलब्ध हो रहीं थीं। अब ये बसें रात के समय यात्रियों को नहीं मिलने से उन्हें प्राइवेट सवारी वाहनों पर निर्भर होना पड़ रहा है। कोटद्वार के दैनिक यात्री मोहम्मद यूसुफ, महबूब सैफी ने बताया कि पिछले दो दिन से रात के समय कोटद्वार तक यूपी रोडवेज की बसें नहीं पहुंच रहीं हैं।
मोहम्मद उमर ने बताया कि पहले 15 मिनट के अंतराल से यूपी रोडवेज की बस मिल रही थी, लेकिन अब एक घंटे तक प्रतीक्षा के बाद भी बस नहीं मिलने पर प्राइवेट सवारी वाहन में 10 से 15 रुपये अतिरिक्त किराया देकर मैदानी क्षेत्रों में जाना पड़ रहा है। वहीं, यूपी के बिजनौर डिपो के एआरएम ने बताया कि बसों का संचालन यथावत है लेकिन दिन ढलने के बाद बसें कोटद्वार तक नहीं पहुंचने की जांच कराकर संचालन को प्रभावी बनाया जाएगा।