गढ़वाल विवि के पास हर साल पांच सौ से एक हजार तक डिग्री व मार्कशीट वेरिफिकेशन के लिए आती हैं। इनमें करीब 100 से अधिक मामले फर्जी डिग्री व मार्कशीट के होते हैं। अधिकांश फर्जी डिग्री व मार्कशीट देहरादून के विभिन्न संस्थानों से होती हैं। देहरादून में चल रहे इस गोरखधंधे को रोकने के लिए विवि ने मार्कशीट व अंकतालिकाओं के फारमेट में बदलाव किया है। डिग्री व मार्कशीट के नए फारमेट में आठ हाई सिक्योरिटी फीचर हैं। जिनकी नकल करना आसान नहीं है। विवि के अधिकारियों का कहना है कि नए फारमेट में कलर व लोगो सहित कई सिक्योरिटी फीचर रखे गए हैं। विवि के ओएसडी प्रो. डीएस नेगी का दावा है कि अब कोई भी गढ़वाल विवि की फर्जी डिग्री व मार्कशीट नहीं बना पाएगा। विवि ने नए फारमेट की डिग्री व मार्कशीट वितरित करनी भी शुरू कर दी हैं।