पौड़ी। दैवी आपदा में क्षतिग्रस्त परिसंपत्तियों की मरम्मत समय रहते और तेेजी से हो सकेगी। मुख्य एवं संपर्क मार्गों, पेयजल योजनाओं समेत तमाम जनसुविधाओं के कार्य तेजी से हों और लोगों को समय से राहत मिल सके, इसके लिए सरकार ने नया तरीका निकाला है। अब सभी विभागाध्यक्षों को वित्तीय वर्ष 2016-17 में दैवी आपदा से क्षतिग्रस्त विभागीय/सार्वजनिक परिसंपत्तियों की क्षति का आकलन कर उसकी रिपोर्ट आठ अगस्त तक सीधे शासन को भेजने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्य सचिव ने वीडियो कांफ्रेंसिंग से इस संबंध में प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों और विभागाध्यक्षों को सरकार के निर्देश की जानकारी दी है।
बता दें कि अब तक विभागाध्यक्ष दैवी आपदा की क्षति की रिपोर्ट जिलाधिकारियों को देते थे। जिलाधिकारी कार्यालय से रिपोर्ट शासन को भेजी जाती थी। शासन ने अब विभागाध्यक्षों को क्षति का आकलन कर रिपोर्ट सीधे भेजने के निर्देश दिए हैं। इससे क्षतिग्रस्त परिसंपत्तियों की मरम्मत के लिए समय से धन आवंटित हो सकेेगा और कार्य भी तेजी से होंगे।
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पौड़ी जिले में ये विभाग देंगे सीधे रिपोर्ट
मुख्य विकास अधिकारी पौड़ी, अधीक्षण अभियंता 12वां वृत्त लोनिवि, अधीक्षण अभियंता जल संस्थान, अधीक्षण अभियंता ग्रामीण निर्माण विभाग पौड़ी, अधीक्षण अभियंता जल निगम, अधिशासी अभियंता विद्युत वितरण खंड पौड़ी (नोडल), मुख्य शिक्षा अधिकारी, मुख्य चिकित्साधिकारी, प्रभागीय वनाधिकारी गढ़वाल वन प्रभाग पौड़ी (नोडल), अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका पौड़ी (नोडल), अधिशासी अभियंता सिंचाई खंड श्रीनगर (नोडल), अधिशासी अभियंता लघु सिंचाई पौड़ी, जिलापूर्ति अधिकारी पौड़ी, जिला कार्यक्रम अधिकारी, जिला पंचायतीराज अधिकारी को क्षतिग्रस्त परिसंपत्तियों की मरम्मत के लिए प्रस्ताव बनाकर सीधे रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए गए हैं।
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जिले के सभी कार्यालय अध्यक्षों को निर्देश जारी किए हैं कि आठ अगस्त को दोपहर 12 बजे तक दैवी आपदा में क्षतिग्रस्त विभागीय/सार्वजनिक परिसंपत्तियों का आकलन कर रिपोर्ट अपने-अपने विभागाध्यक्षों भेजें। यहां स्थित विभागाध्यक्षों को सीधे शासन को रिपोर्ट भेजने को कहा गया है।
- चंद्रशेखर भट्ट, जिलाधिकारी पौड़ी गढ़वाल
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वीडियो कांफ्रेंसिंग से सभी जिलाधिकारियों और विभागाध्यक्षों को निर्देश दिए गए हैं। सभी विभागाध्यक्षों को आठ अगस्त को रिपोर्ट देने को कहा गया है। जिलाधिकारियों को कोऑर्डिनेट करने के निर्देश हैं। रिपोर्ट मिलने के एक-दो दिन में पूरे प्रदेश की दैवी आपदा में हुई क्षति की संयुक्त रिपोर्ट केंद्र सरकार को भेज देंगे। ताकि समय से धनराशि आवंटित हो सके।
-शत्रुघ्न सिंह, मुख्य सचिव