कालागढ़ टाइगर रिजर्व वन प्रभाग (केटीआर) लैंसडौन की वेबसाइट को सूचना और विज्ञान प्रौद्योगिकी विभाग उत्तराखंड शासन ने मान्यता प्रदान कर दी है। देश-विदेश के पर्यटक अब सरकारी वेबसाइट से कालागढ़ टाइगर रिजर्व के बारे में जानकारी हासिल कर सकेंगे।
कार्बेट नेशनल पार्क का दो तिहाई हिस्सा पौड़ी जनपद में पड़ता है, लेकिन कार्बेट नेशनल पार्क की स्थापना के 75 वर्ष बाद भी पौड़ी जिले को इसका लाभ नहीं मिल पाया था। कार्बेट का द्वार कोटद्वार और पाखरो से खुलने के बाद क्षेत्र को भी प्रचार मिलने लगा। वन मंत्री डा. हरक सिंह रावत के प्रयास के बाद कोटद्वार से सटे पाखरो में टाइगर सफारी के निर्माण के साथ ही कालागढ़ टाइगर रिजर्व वन प्रभाग में वन विभाग की ओर से पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए अवस्थापना कार्य कराए जाने लगे हैं। इसी क्रम में कालागढ़ टाइगर रिजर्व वन प्रभाग की ओर से गत 17 अक्तूबर को कोटद्वार में वेबसाइट की लॉचिंग वन मंत्री ने की थी। केटीआर के डीएफओ किशन चंद ने बताया कि इंफॉरमेशन एंड साइंस टेक्नोलॉजी विभाग उत्तराखंड ने सब डोमेन रजिस्टर्ड कर वेबसाइट को मान्यता प्रदान कर दी है।
केटीआर के वेबसाइट में सोनानदी वन्यजीव विहार, वतनवासा, मैदावन गेट, पाखरो गेट के अलावा अन्य दर्शनीय स्थलों की विस्तार से जानकारी दी गई है। कृषि उत्पादन मंडी समिति के अध्यक्ष सुमन कोटनाला, पूर्व पालिकाध्यक्ष रश्मि सिंह, भाजपा नेता भुवनेश खरक्वाल, नागरिक मंच के अध्यक्ष चंद्रप्रकाश नैथानी, राजगौरव नौटियाल, सुमित गर्ग, हरीश खरक्वाल, सुरेंद्र सिंह गुसाई का कहना है कि केटीआर की वेबसाइट लांच होने से क्षेत्र को नई पहचान मिलेगी।