कोटद्वार। रेलवे स्टेशन के ऑपरेटिंग सिस्टम से रविवार से डाटा लाॅगर कनेक्ट कर दिया गया। अब रेल संचालन से जुड़ी हर एक गतिविधि का डाटा रिकॉर्ड होगा। यानि कोई भी भूल होने पर संबंधित अधिकारी और कर्मचारी पल्ला नहीं झाड़ सकेंगे।
कोटद्वार रेलवे स्टेशन पर मार्च 2023 में इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग सेटअप लगाया गया था। इससे ट्रेनों का मैनुअल संचालन बंद हो गया। अब सिग्नल और रूट बनाने की व्यवस्था पूरी तरह कंप्यूटराइज्ड है। कामकाज का डाटा स्टोर करने के लिए रिले रूम में डाटा लॉगर तो रखा गया था, लेकिन उसे इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग से कनेक्ट नहीं किया गया था। जिससे रेल संचालन से जुड़ी गतिविधि का डाटा स्टोर नहीं हो पा रहा था। रेल ट्रैक पर प्वाइंट बनाने, रूट बनाने, ट्रेन को सिग्नल देने आदि कार्यों में विलंब होने पर अथवा कोई घटना होने पर रेल संचालन प्रभावित होता था। तब रेलकर्मी एक-दूसरे की कमी बताकर पल्ला झाड़ लेते थे, लेकिन अब ऐसा नहीं हो सकेगा।
रेलवे का डाटा लॉगर पल-पल की खबर रखेगा।
रविवार को स्टेशन पहुंचे इंजीनियर कोल्लाना सत्तीबाबू ने स्टेशन मास्टर विक्रम सिंह नेगी और सिग्नल विभाग के कर्मचारी तेजपाल सिंह की उपस्थिति में रिले रूम में रखे डाटा लॉगर उपकरण को एक साफ्टवेयर के माध्यम से इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग सिस्टम से कनेक्ट किया। इसके साथ ही सनेह रोड रेलवे स्टेशन पर भी डाटा लॉगर को एक्टिव किया गया। इंजीनियर सत्तीबाबू ने बताया कि रेल संचालन के संबंध में होने वाली हर एक गतिविधि डाटा लॉगर में रिकॉर्ड होगी। यह सब मंडल कार्यालय की नजर में रहेगा।