सरकार की बेरोजगारी भत्ता देने की योजना बेरोजगारों को लाभ नहीं दे पा रही है। गत वर्ष अप्रैल से लोगों को भुगतान नहीं हो पाया है। आंकड़े देखे जाएं तो प्रदेश सरकार को 44, 372 लाभार्थियों को 46 करोड़ रुपये देने हैं।
सेवायोजन विभाग के निदेशालय कार्यालय हल्द्वानी के आंकणों पर गौर करें तो प्रदेश के 13 जिलों के 44,372 अभ्यर्थियों ने अभी तक बेरोजगारी भत्ते के लिए आवेदन किया है। इसमें सबसे अधिक 7086 अभ्यर्थी नैनीताल जिले के हैं जिन्हें 8.6 करोड़ की धनराशि बेरोजगारों मेें बांटनी हैं। इसके अलावा अन्य जिलों को अलग-अलग शैक्षिक योग्यता के अनुसार बजट का इंतजार है।
योजना के अंतर्गत रोजगार कार्यालय में पंजीकृत इंटर पास बेरोजगारों को 750, स्नातक को एक हजार और परास्नातक को 1500 रुपये प्रति माह बेरोजगारी भत्ता दिया जा रहा है लेकिन बजट के अभाव में यह योजना अब अपने लक्ष्य से भटकने लगी है।
इन जिलों को है बजट की जरूरत
पौड़ी। पौड़ी जिले में लाभार्थियों की संख्या 1784 है जबकि 2.26 करोड़ बजट की जरूरत है। अल्मोड़ा में 1870 लाभार्थियों को 1.9 करोड़, नैनीताल में 7086 लाभार्थियों को 8.6 करोड़, पिथौड़ागढ़ में 5059 लाभार्थियों को 5.8 करोड़, ऊधम सिंह नगर में 5580 लाभार्थियों को 3.1 करोड़, बागेश्वर में 1351 लाभार्थियों को1.5 करोड़, चम्पावत 1670 लाभार्थियों को 3.1 करोड़, देहरादून में 5162 लाभार्थियों को 4.5 करोड़, टिहरी में 3254 लाभार्थियों को 5.8 करोड़, हरिद्वार में 2795 लाभार्थियों को 2.3 करोड़, चमोली में 1259 लाभार्थियों को 75 लाख, रूद्रप्रयाग में 2100 लाभार्थियों को दो करोड़ रूपए बांटे जाने हैं।
कोट
- प्रदेश के सभी जिले से प्राप्त लाभार्थियों की अलग-अलग शैक्षिक योग्यता के अनुसार बजट का आगणन तैयार कर शासन को भेज दिया गया है। स्वीकृत होते ही धनराशि लाभार्थियों को बांट दी जाएगी।
- सुभाष कुमार, उप निदेशक, सेवायोजन विभाग देहरादून
मुकेश आर्य