कोटद्वार। कोटद्वार-पौड़ी हाईवे पर सिद्धबली मंदिर से आमसौड़ के बीच एक बार फिर से हाथी की चहलकदमी बढ़ गई है। बृहस्पतिवार सुबह करीब छह बजे अकेला हाथी लैंसडौन वन प्रभाग के जंगल से निकलकर हाईवे पर धमक गया। काफी देर तक वह हाईवे पर चहलकदमी करता रहा। हाथी को देखते ही दोनों ओर के वाहनों के पहिये थम गए। जिससे करीब एक घंटे जाम लग गया। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे वनकर्मियों ने पटाखे फोड़कर उसे जंगल की ओर खदेड़ा। हाथी के जंगल में जाने के बाद यातायात सुचारु हो सका।
मानसून सीजन में कोटद्वार दुगड्डा के बीच हाईवे पर हाथी की सक्रियता से हादसे की आशंका बनी हुई है। बीते सोमवार को हाथी ने सुबह सवेरे लालपुल के पास राह चलते कांवड़ियों को दौड़ाया था। तब सुबह से लेकर शाम तक हाथी कई बार हाईवे और इससे सटे जंगल में ही मौजूद रहा। तीन दिन बाद बृहस्पतिवार सुबह हाथी फिर से हाईवे पर धमक गया। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि हाथी शाेरगुल मचाने पर भी सड़क से नहीं हट रहा है। बृहस्पतिवार को पूरे एक घंटे तक हाथी सड़क पर मौजूद रहा और बांस की पत्तियां खाता रहा। वनकर्मियों को भी हाथी को जंगल में खदेड़ने में पसीने छूट गए। लोगों का कहना है कि हाथी राहगीरों और वाहनों के पीछे भी दौड़ रहा है, ऐसे में लोगों में जान का खतरा बना हुआ है। रेंज अधिकारी उमेश जोशी का कहना है कि लोगों को हाथी को चिढ़ाने का प्रयास नहीं करना चाहिए। हाथी दिखते ही वन विभाग को इसकी सूचना दें।
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कोटद्वार-दुगड्डा के बीच का क्षेत्र शिवालिक ऐलीफेंट कॉरिडोर में पड़ता है। यहां हाथियों की आवाजाही बनी रहती है। एक हाथी की सक्रियता को देखते हुए शुक्रवार से वन विभाग की गाड़ी भेजी जाएगी। जिससे लोगों को उसके पास जाने से रोका जा सके।
-नवीन चंद्र पंत, डीएफओ लैंसडौन वन प्रभाग