मालन नदी में खनन खोलने को लेकर वन विभाग ने की तैयारी।
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मानसून खत्म होने के बाद शुक्रवार से मालन नदी को एक बार फिर खनन और चुगान कार्य के लिए खोल दिया जाएगा। वन निगम के अधिकारियों ने मालन नदी में खनन कार्य शुरू कराने के लिए तैयारियां पूर्ण कर ली हैं। मालन नदी में खनन खुलने से सरकारी और गैर सरकारी निर्माण एजेंसियों को राहत मिलेगी।
राज्य सरकार की ओर से उत्तराखंड वन विकास निगम को मालन नदी में खनन और चुगान का कार्य फिर से आवंटित कर दिया गया है। इस बार भी वन निगम को करीब 12 हेक्टेयर क्षेत्र में खनन और चुगान की अनुमति मिली है। वन निगम को शासन की ओर से 28,558 घन मीटर उपखनिज उठान की अनुमति मिली है। इसके लिए वन विकास निगम की ओर से राज्य सरकार को करीब पांच लाख की अग्रिम रायल्टी जमा करा दी गई है। इस बार का आवंटन पिछली बार के बराबर ही है। एक नवंबर 2019 से शुुरू होने वाला खनन ठीक दो निर्धारित उपखनिज उठान या 31 मई को मानसून सत्र तक चलेगा। विकास निगम के डीएसएम ब्रह्मपाल सिंह ने बताया कि लैंसडौन वन प्रभाग के डीएफओ की ओर से वर्क ऑर्डर मिल चुका है। इस बार भी मालन नदी के ऊपरी छोर पर मोटर पुल के एक किमी का दायरा छोड़कर 12 हेक्टेयर का क्षेत्रफल चुगान के लिए आवंटित हुआ है। शुक्रवार से विधिवत मालन नदी में खनन-चुगान का कार्य प्रारंभ कर दिया जाएगा। पुल के नीचे खनन संबंधी नया जीओ अभी विभाग को नहीं मिला है।