चौरास मोटर पुल निर्माण की राह आसान नहीं लग रही है। मोटर पुल के दो किमी लंबे एप्रोच मार्ग के लिए प्रथम चरण के तहत स्वीकृत तीन करोड़ के सापेक्ष विभाग को मात्र 10 हजार रुपये आवंटित किए गए हैं। वहीं विभाग का कहना है कि यह टोकन मनी है। बाद में कार्य की प्रगति के आधार पर शासन से धनराशि की मांग की जाएगी।
चौरास मोटर पुल का एप्रोच मार्ग गढ़वाल विवि वानिकी विभाग के किनारे-किनारे बनाया जाना है। पूर्व में मोटर पुल के लिए जो एप्रोच मार्ग तय किया गया था। वह वर्ष 2013 की आपदा में क्षतिग्रस्त हो गया था, जिस पर गढ़वाल विवि प्रशासन ने लोनिवि को विवि के वानिकी विभाग के किनारे-किनारे एप्रोच मार्ग बनाए जाने का सुझाव दिया था।
गढ़वाल विवि के सहायक अभियंता एमपी डोभाल ने बताया कि दो किमी लंबे एप्रोच मार्ग निर्माण के लिए प्रस्ताव शासन को भेजा गया था। एप्रोच मार्ग निर्माण के लिए नौ करोड़ स्वीकृत होने के बावजूद विभाग को मात्र 10 हजार की राशि आवंटित की गई है।
वहीं लोनिवि कीर्तिनगर डिवीजन के अधिशासी अभियंता बीपी नौटियाल ने बताया कि एप्रोज रोड निर्माण कार्य के तहत प्रथम चरण के लिए तीन करोड़ की धनराशि शासन की ओर से स्वीकृत की गई है। प्रथम चरण में सर्वे, मुआवजा, वन भूमि स्थानांतरण आदि औपचारिकताएं पूरी होनी है।
इसके बाद डीपीआर तैयार कर शासन को भेजी जाएगी। नौटियाल ने बताया कि कार्य की प्रगति के आधार पर शासन से धनराशि की मांग की जाएगी। डीपीआर स्वीकृत होते ही निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। एप्रोच मार्ग निर्माण के लिए नवंबर 2015 में प्रस्ताव भेजा गया था।