शहर में पटाखों की दुकान दूर लगाने के प्रशासन के आदेश का व्यापारियों ने विरोध किया और तहसील में प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया। उन्होंने एसडीएम से पटाखे की दुकान लगाने के लिए शहर में ही उचित स्थान देने की मांग की।
व्यापारियों ने कहा कि वे वर्षों से कोटद्वार के झंडाचौक और अपनी दुकानों के आगे सतर्कता के साथ पटाखे बेचते आए हैं, लेकिन इस बार प्रशासन उन्हें शहर से दो किमी. दूर ग्रास्टनगंज, सूर्या प्लाजा के सामने और देवी रोड पर प्रगति मैदान में पटाखे बेचने को मजबूर कर रहा है। उन्होंने प्रशासन से शहर में ही पटाखे की दुकानें लगाने के लिए उचित व्यवस्था बनाने की मांग की। प्रदर्शन करने वालों में पूर्व सभासद विनय भाटिया, प्रवेश रावत, अंकित अग्रवाल, तिलक राज भाटिया, पवन बंसल, गोपीचंद, राधेश्याम भाटिया, जगदीश भाटिया, अब्बास अहमद, तरुण माहेश्वरी, बिलाल अहमद, राजेश कुमार, अरसद मंसूरी, विकास माहेश्वरी आदि मौजूद थे। संवाद
एक ही जगह पटाखों की दुकानें लगाने का विरोध
पौड़ी। एक स्थान पर पटाखों की दुकानें लगाने पर व्यापारियों ने विरोध जताया। इसके बाद प्रशासन ने पुलिस व पालिका प्रशासन के साथ मिलकर व्यापारियों से वार्ता की, जिसके बाद मुख्यालय में तीन स्थानों पर पटाखों की दुकानें लगाए जाने पर सहमति बनी।
बुधवार को तहसील, पुलिस व पालिका प्रशासन की व्यापारियों के साथ बैठक हुई। इस दौरान प्रशासन के अधिकारियों ने बताया कि पटाखों की दुकानों के लिए रामलीला मैदान का चयन किया गया है। पूरे शहर के लिए इसी स्थान पर पटाखों की दुकानें लगाई जाएंगी, जिस पर व्यापारियों ने विरोध जताया। व्यापारियों ने कहा कि इससे उन्हें काफी परेशानी होगी। व्यापारियों के अनुरोध पर प्रशासन ने पटाखों की दुकानों के लिए सर्किट हाउस के समीप नए बस अड्डा, नया कलेक्ट्रेट भवन परिसर व रामलीला मैदान निर्धारित किए। सीओ सदर वंदना वर्मा ने बताया कि चिह्नित स्थानों पर सुरक्षा की पूरी व्यवस्थाएं की जाएंगी। बैठक में तहसीलदार पौड़ी हरिमोहन खंडूड़ी, ईओ प्रदीप बिष्ट, कोतवाल राकेंद्र कठैत, एसएसआई महेश रावत, व्यापार सभा अध्यक्ष देवेंद्र सिंह रावत, सचिव अनूप देवरानी और कोषाध्यक्ष कुलदीप गुसाईं आदि मौजूद थे।