राजकीय मेडिकल कालेज में एक और घपला सामने आ रहा है। कालेज में एक सहायक अभियंता की नियुक्ति उच्चाधिकारियों के आदेश के बिना कर दी गई। कालेज ने विज्ञप्ति अवर अभियंता (जेई) के लिए निकाली, सहायक अभियंता (एई) की नियुक्ति कर दी। मामला चिकित्सा शिक्षा निदेशालय तक पहुंचा, तो जांच बैठा दी गई। विभाग के अनुसार अभी जांच चल रही है।
यहां बता दे कि 24 जनवरी 2016 को मेडिकल कालेज की तत्कालीन प्रभारी प्राचार्या प्रो. आईएस योग ने सिविल कार्यों के लिए अवर अभियंता (1 पद) की विज्ञप्ति निकाली। नियुक्ति के लिए 30 जनवरी को साक्षात्कार की तिथि तय हुई। कालेज की चयन समिति ने इसमें एक अभ्यर्थी को चयनित कर नियुक्ति की संस्तुति कर दी।
हैरानी की बात यह है कि सारी चयन प्रक्रिया अवर अभियंता पद के लिए हुई। जबकि अभ्यर्थी की नियुक्ति सहायक अभियंता पद पर की गई। शासन की ओर से प्राचार्या प्रो. योग को हटाए जाने के बाद यह प्रकरण चिकित्सा शिक्षा निदेशालय के संज्ञान में आया। प्राचार्या ने नियुक्ति के लिए उच्चाधिकारियों से अनुमति नहीं ली थी। ना ही कालेज में किसी अभियंता की नियुक्ति का प्रावधान है।
इसे देखते हुए निदेशालय ने कार्यवाहक प्राचार्य/जिलाधिकारी पौड़ी चंद्रशेखर भट्ट से सात बिंदुओं पर जानकारी मांगी। प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि नियुक्ति प्रक्रिया में नियमों का पालन नहीं किया गया है। अब प्राचार्य की रिपोर्ट मिलने के बाद निदेशालय ने दोबारा से कार्रवाई संबंधी रिपोर्ट मंगवाई है।
रिपोर्ट बनाकर शासन को भेज दी है। इस मामले में मैं कुछ नहीं बता सकता हूं। - चंद्रशेखर भट्ट कार्यवाहक प्राचार्य/डीएम पौड़ी
नियुक्ति प्रक्रिया नियम संगत नहीं हुई है। कालेज में इस प्रकार का कोई पद स्वीकृत नहीं है। अभी जांच की फाइल चल रही है।- प्रो. आशुतोष सयाना, निदेशक, चिकित्सा शिक्षा निदेशालय उत्तराखंड