श्रीनगर जल विद्युत परियोजना की नहर से अधिक मात्रा में पानी छोड़ने से अलकनंदा नदी का जल स्तर बढ़ गया. जिससे श्रीयंत्र टापू में खनन कार्य कर रहे लगभग 40 मजदूर और ट्रक टापू में फंस गए। उप जिलाधिकारी के निर्देश पर कपंनी के पानी की मात्रा कम करने पर ही मजदूर टापू से बाहर निकल पाए। इस वजह से बीच नदी में फंसे मजदूरों की जान लगभग दो घंटे तक अटकी रही।
जानकारी के अनुसार रविवार शाम को परियोजना के पावर हाउस से नीचे अचानक तेजी से अलकनंदा नदी का जल स्तर बढ़ गया। इस वजह से श्रीयंत्र टापू के दोनों ओर भी पानी का प्रवाह बढ़ गया। घटना के वक्त यहां लगभग 40 मजदूर पत्थर और रेत निकालने का काम कर रहे थे।
पानी इतनी तेजी से बढ़ा कि मजदूरों को टापू से बाहर निकलने का मौका नहीं मिल पाया। देखते ही देखते मजदूर छोटे से टापू में कैद हो गए। सूचना मिलने पर एसडीएम अब्बास मौके पर पहुंचे। उन्होंने कंपनी को पानी का डिस्चार्ज कम करने के निर्देश दिए। परियोजना से पानी का डिस्चार्ज कम होने पर नदी का जल स्तर और वेग कम हो गया। इसके बाद मजदूरों को टापू से बाहर सुरक्षित स्थान पर लाया गया।
बताया जा रहा है कि चमोली जिले के कुछ इलाकों में बादल फटने की वजह से शाम को अलकनंदा नदी का जल स्तर बढ़ गया था। पानी की मात्रा अधिक होने पर जल विद्युत परियोजना की शक्ति नहर से ज्यादा पानी छोड़ दिया गया, जिससे यह स्थिति उत्पन्न हुई। एसडीएम ने बताया कि सभी लोगों को सुरक्षित निकाल लिया है। कंपनी ने पानी छोड़ने की सूचना नहीं दी थी।