जम्मू कश्मीर के तंगधार में बुधवार को आतंकवादियों से लोहा लेते वक्त शहीद हुआ संदीप रावत मूल रूप से पौड़ी जिले के बीरोंखाल ब्लाक के घोड़पाल तल्ला गांव के निवासी थे।
उनके शहीद होने की खबर से जहां गांव में शोक की लहर छा गई, वहीं उनकी वीरता पर ग्रामीणों को गर्व भी है। बीरोंखाल क्षेत्र के भाजपा नेता भुवनेश पोखरियाल ने बताया कि 22 वर्षीय संदीप रावत पुत्र हरेंद्र सिंह रावत दो साल पहले ही छठवीं गढ़वाल राइफल में सिपाही के पद पर भर्ती हुआ था।
बृहस्पतिवार शाम ग्रामीणों को संदीप के शहीद होने की सूचना मिली। ग्रामीणों को जांबाज की शहादत पर गर्व है, लेकिन घटना से गांव का माहौल पूरी तरह गमगीन है। बताया कि उनका परिवार अब कोटला डिफेंस कालोनी देहरादून में ही रह रहा है।
पैतृक गांव से बड़ी संख्या में ग्रामीण शहीद संदीप के अंतिम दर्शनों के लिए देहरादून पहुंच रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि संदीप एक कुशल बाक्सर भी था। संदीप के शहीद होने की खबर मिलते ही परिजन और उसके सहपाठी जहां गमगीन हो उठे, वहीं उन्हें देश के लिए किए गए उसके सर्वोच्च बलिदान पर गर्व भी महसूस हो रहा है।