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कैमरा ट्रैप से होगी देवकुंडई के आदमखोर गुलदार की पहचान

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बरोंखाल ब्लाक के देवकुंडई गांव के पास गुलदार की तलाश करते वन कर्मी। - फोटो : KOTDWAR
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बीरोंखाल ब्लाक के देवकुंडई और बगड़ीगाड गांव में गुलदार को हर हाल में मारने की गढ़वाल वन प्रभाग ने कवायद तेज कर दी है। देवकुंडई गांव में गुलदार को आदमखोर घोषित कर छह सदस्यीय शिकारी दल के अलावा छह वन कर्मियों को तैनात किया गया है। वाइल्ड लाइफ विशेषज्ञों की टीम ने गांव पहुंचकर कैमरा ट्रैप लगाए हैं।
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गत आठ दिसंबर को देवकुंडई गांव में अपनी मां के साथ गोशाला में गए नौ साल के मासूम अनिकेत को गुलदार ने मार डाला था। वहीं, 16 दिसंबर को बगड़ीगाड गांव मेें गुलदार ने खेत से घर लौट रहे एक युवक पर झपटा मार दिया था। युवक के झुक जाने से वह गुलदार के पंजों से बाल-बाल बचा। देवकुंडई गांव में बच्चे की मौत के बाद वन विभाग ने गुलदार को आदमखोर घोषित कर उसे मारने के लिए छह सदस्यीय शिकारी दल को गांव में तैनात किया है, लेकिन गुलदार शिकारी दल के पास नहीं फटक रहा है।
ग्राम प्रधान यशपाल सिंह रावत ने बताया कि गुलदार को मारने के लिए पहले शिकारी दल ने मचान के पास कुत्ता और उसके बाद बकरी बांधी, लेकिन गुलदार वहां पर नहीं आया। अब शिकारी दल ने अन्य स्थान पर अपना मचान बनाया है। बाघ को मारने के लिए शिकारी दल के अलावा वन विभाग के छह कर्मचारियों को भी लगाया गया है, लेकिन गुलदार के निशाने पर नहीं आने से ग्रामीणों में गुलदार का खौफ बना हुआ है, लोग शाम ढलते ही घरों में कैद हो जा रहे हैं, वे अपने आप को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
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उधर, गढ़वाल वन प्रभाग के डीएफओ लक्ष्मण सिंह रावत ने बताया कि आदमखोर गुलदार की पहचान करने और उसे मारने के पूरे प्रयास किए जा रहे हैं। शिकारी दल के अलावा अब प्रभावित गांव में वाइल्ड लाइफ की टीम ने कैमरा ट्रैप लगाए गए हैं।
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