श्रीनगर। यूएसएआईडी (संयुक्त राष्ट्र संघ की अंतरराष्ट्रीय विकास संस्था) की ओर से अस्पतालों में चलाए जा रहे वृद्धि कार्यक्रम की समीक्षा की गई। इस मौके पर गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य और अंदरूनी शारीरिक बदलाव पर आधारित पार्टोग्राफ का प्रदर्शन किया गया।
राजकीय मेडिकल कालेज में आयोजित समीक्षा बैठक में कालेज के प्राचार्य, कार्यक्रम के समन्वयक, कम्युनिटी मेडिसिन, स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग और बाल रोग विभाग के चिकित्सकों और स्टाफ नर्स ने भाग लिया।
इस अवसर पर बताया कि मां-शिशु मृत्यु दर पर रोक लगाने के लिए वृद्धि कार्यक्रम के तहत गर्भवती महिलाओं और प्रसूताओं का पार्टोग्राफ बनाए जा रहे हैं। इसके तहत जो महिलाएं अस्पताल में आती हैं, उनके स्वास्थ्य के आधार पर चिकित्सक और नर्स ग्राफ बनाते हैं। जो उनके मेडिकल रिपोर्ट के साथ लगाई जा रही है। पार्टोग्राफ से चिकित्सकों को गर्भवती/प्रसूताओं के बारे पूरी जानकारी उपलब्ध हो जाती है।
कम्युनिटी विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डा. भोलनाथ ने सुझाव दिया कि फिलहाल पार्टोग्राफ का प्रशिक्षण नर्स, इंटर्न और जूनियर रेजीडेंट चिकित्सकों को दिया जा रहा है। इसका प्रशिक्षण एमबीबीएस के छात्र-छात्राओं को भी दिया जाना चाहिए। प्राचार्य प्रो. चंद्रमोहन रावत ने बताया कि 31 अगस्त को इस संबंध में स्ट्रेंथिंग केयर अराउंड बर्थ कार्यशाला आयोजित की जाएगी। इसमें जूनियर रेजीडेंट और संकाय सदस्य प्रतिभाग करेंगे। इस अवसर पर वृद्धि कार्यक्रम के राज्य समन्वयक डा. नितिन बिष्ट और जिला समन्वयक डा. सुभाष आदि मौजूद थे। ब्यूरो