कोटद्वार। श्री हरि कृपा पीठाधीश्वर स्वामी श्रीहरि चैतन्यपुरी महाराज ने कहा कि भारत में गाय और गंगा, यमुना नदी को मां तो माना जाता रहा है, फिर भी उनकी दुर्दशा है। सरकार और संगठनों को इस तरफ गंभीरता से सोचना चाहिए।
स्वामी चैतन्यपुरी गोविंद नगर में आयोजित सत्संग में प्रवचन कर रहे थे। भारत में नदियों की दुर्दशा पर चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि विदेशों में तो नदी को माता का दर्जा भी नहीं मिला है। फिर भी जनता के सहयोग से नदियों की निर्मलता निरंतर बनी रहती है। चैतन्यपुरी महाराज ने कहा कि यह देश का दुर्भाग्य है कि गाय को आज तक राष्ट्रीय पशु का दर्जा नहीं मिला। सत्संग से पहले चैतन्यपुरी महाराज ने सिद्धबली मंदिर पहुंचकर बाबा के दर्शन किए और उनकी पूजा-अर्चना की। मंदिर समिति के अध्यक्ष डॉ. जेपी ध्यानी ने उन्हें शॉल ओढ़ाया और सिद्धबली बाबा का चित्र भेंट किया। संवाद