गढ़वाल ग्रुप और गढ़वाल स्काउट्स के कर्नल ऑफ दि रेजिमेंट ले. जनरल शरतचंद यूवाईएसएम, एवीएसएम, वीएसएम ने सोमवार को दक्षिण-पश्चिमी कमांड के जीओसी इन चीफ का पदभार ग्रहण कर लिया है। दक्षिण-पश्चिमी कमांड के मुख्यालय जयपुर में आयोजित एक समारोह में उन्होंने मातृभूमि की रक्षा में शहादत देने वाले शहीदों का भावपूर्ण स्मरण करते हुए उनके आदर्शों के अनुरूप राष्ट्र की रक्षा करने का संकल्प लिया।
गढ़वाल राइफल्स के इतिहास में यह पहला मौका है कि 128 सालों के बाद रेजिमेंट का कोई अधिकारी इस मुकाम तक पहुंचा। शरतचंद्र की इस उपलब्धि पर गढ़वाल राइफल समेत पूरी सेना में उत्साह का माहौल है। केरल में जन्मे ले. शरत ने 9 जून 1979 को 11 गढ़वाल राइफल में कमीशन लिया। मई 1998 से अप्रैल 2001 तक उन्होंने अपनी पलटन का कुशल नेतृत्व किया। उन्होंने डिफेंस सर्विसेज स्टाफ कॉलेज, सीनियर कमांड, हायर कमांड और नेशनल डिफेंस कॉलेज कोर्सेज में अपनी नेतृत्व क्षमता का परिचय दिया। 26 जनवरी, 2016 को उनके द्वारा उत्तर पूर्वी क्षेत्र में कोर का कुशलता से कमांड करने के लिए राष्ट्रपति द्वारा उत्तम युद्ध सेवा मेडल से सम्मानित किया गया।
शरत चंद्र ने डिवीजन के जनरल ऑफीसर कमांडिंग, एडीशनल डायरेक्टर जनरल राष्ट्रीय राइफल, जनरल आफीसर कमांडिंग कोर, दक्षिणी-पश्चिमी कमांड के चीफ ऑफ स्टाफ के पदों का जिम्मेदारी पूर्वक निर्वहन किया।