कोटद्वार। कोटद्वार बार एसोसिएशन से जुड़े अधिवक्ताओं ने सात मार्च को नगर से सटे एक गांव में छह माह की बच्ची से दुष्कर्म के आरोपी की न्यायालय में पैरवी नहीं करने का निर्णय लिया है। साथ ही अधिवक्ताओं ने जनपद न्यायाधीश की ओर से कोटद्वार में लगने वाले कैंप को रद्द करने पर रोष व्यक्त करते हुए दस मार्च को न्यायिक कार्यों से विरत रहने का फैसला लिया है।
बुधवार को तहसील परिसर में आयोजित अधिवक्ताओं की बैठक में बार एसोसिएशन के अध्यक्ष पंकज कुमार भट्ट ने कहा कि छह माह की बच्ची से दुष्कर्म करने वाली घटना ने पूरे समाज को झकझोर कर रख दिया है। आरोपी मनोज को कड़ी से कड़ी सजा मिल सके, इसके लिए कोटद्वार बार एसोसिएशन का कोई भी अधिवक्ता इस मामले की पैरवी नहीं करेगा। उन्होंने अधिवक्ताओं से ऐसे लोगों का बहिष्कार करने की अपील की। एसोसिएशन के सचिव दीपक सिंह रावत ने कहा कि पूर्व में समस्याओं के निराकण के लिए कोटद्वार में जनपद न्यायाधीश की ओर से प्रत्येक सप्ताह में एक दिन कैंप लगाया जाता था, लेकिन बीते कुछ समय से कैंप नहीं लगाया गया है, जिससे अधिवक्ताओं में रोष है। इस मौके पर अधिवक्ता शशिकांत बलूनी, धर्मदीप अग्रवाल, अरविंद वर्मा, अनिल खंतवाल, मौ. सलीम, अरविंद चौधरी, प्रकाश सिह व योजना शर्मा आदि मौजूद थे।